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अमर उजाला ने खोली पोल तो विभाग में मचा हड़कंप, ऐसे चल रहा था भ्रूण हत्या का खेल

Sat, 14 Mar 2020 09:09 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

अमर उजाला ने पोल खोली तो विभाग में हड़कंप मच गया। अस्पताल में एजेंटों द्वारा भ्रूण हत्या का खेल चल रहा था।
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जिला महिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर में जिला महिला अस्पताल के आसपास नर्सिंगहोम, अस्पतालों के एजेंटों के सक्रिय होने के खुलासे के बाद नई और गंभीर बातें निकलकर सामने आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो एजेंट और नर्सिंग अस्पताल पैसे की खातिर गर्भ में पलने वाले बच्चों के लिंग की जांच से लेकर कन्या भ्रूण की हत्याएं तक कर रहे हैं। 

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अमर उजाला ने 14 मार्च के संस्करण में ‘कमीशन का खेल, सरकारी मशीनरी हुई फेल’ टाइटल से समाचार प्रकाशित होने के बाद से विभाग के साथ ही एजेंटों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि महिला अस्पताल के बाहर केवल एजेंट नहीं, बल्कि पूरा रैकेट चलता है, जिसमें महिलाओं के साथ ही पुरुष भी हैं। अस्पताल के आसपास इनकी एंबुलेंस खड़ी रहती है, जो गर्भवतियों और उनके परिजनों के मानते ही तुरंत नर्सिंग होम तक पहुंचाते हैं। गंभीर बात यह है कि एजेंट गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच से लेकर कन्या भ्रूण की हत्या तक का ऑफर देती हैं, जिनके रेट भी तय हैं। एजेंटों को इसके लिए 25 से 30 फीसदी तक कमीशन मिलता है। सूत्र का कहना है कि यदि पुलिस एजेंटों को पकड़कर सख्ती से पूछताछ करे तो कन्या भ्रूण हत्या करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हो सकता है। 

आई कार्ड लगाना हो अनिवार्य 
जिले भर में करीब 2700 आशा हैं। सभी आशाओं को आई कार्ड जारी किए गए हैं, मगर जिला महिला अस्पताल में आने वाली ज्यादातर आशा आई कार्ड गले में नहीं रखती हैं। इसकी वजह से बाहरी महिलाएं आशा के रूप में सक्रिय हैं। जरूरी है कि आशाओं के लिए महिला अस्पताल में रहने के वक्त आई कार्ड गले में लटकाना अनिवार्य किया जाए।

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रात भर रहती हैं अस्पताल के बाहर

कमीशन की लत ऐसी है कि एजेंट और कुछ आशाएं दिन के साथ ही रात को भी अस्पताल के बाहर सक्रिय रहती हैं। यह टेंपो तक लेकर आती हैं, जिससे कि कोई भी केस फंसने पर उसे तुरंत संबंधित नर्सिंग अस्पताल पहुंचाया जा सके। 

सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि जिला महिला अस्पताल की एक डॉक्टर थी, जो छोड़कर प्राइवेट प्रैक्टिस में आ गई है। उसी के साथ कुछ आशाओं का कनेक्शन हो सकता है, जो वहां ले जाती होंगी। पूर्व में कुछ आशाओं के लिप्त होने की शिकायत मिली थी, जिन्हें निकाला जा चुका है। रही बात लिंग जांच और भ्रूण हत्या की तो ऐसी कोई शिकायत नहीं है। यदि ऐसा है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। 

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