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सुविधा: अब दिल्ली रेफर नहीं किए जाएंगे आग से झुलसे मरीज, यहां बर्न यूनिट की बिल्डिंग तैयार

Thu, 24 Jun 2021 07:10 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

अब आग से झुलसे हुए मरीजों को दिल्ली रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां पर बर्न यूनिट की बिल्डिंग तैयार हो गई है।
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मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट की बिल्डिंग तैयार। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गंभीर रूप से जले मरीजों को अब दिल्ली रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेरठ मेडिकल कॉलेज में ही इलाज मिलेगा। ऐसा जल्द होने वाला है। यहां बर्न यूनिट जल्द शुरू होगी। बिल्डिंग बन चुकी है। शासन ने पहले ही पांच करोड़ से अधिक का बजट पास कर दिया है।

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मेडिकल कॉलेज में आने वाले गंभीर मरीजों को अभी तक रेफर किया जाता है। इस बर्न यूनिट में पांच बेड की आईसीयू बनेगी। 20 बेड का जनरल वार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए सर्जन और अन्य स्टाफ के लिए भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने शासन को लिखा है। बर्न वार्ड को पूरी तरह से बैक्टीरिया फ्री रखा जाएगा। इसके लिए यहां अलग से व्यवस्था कराई जाएगी। जले हुए मरीजों को इंफेक्शन का खतरा अधिक रहता है। इनकी प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। जलने की वजह से शरीर में पानी की कमी भी रहती है। ऐसे में फंगल इंफेक्शन ऐसे मरीजों को जल्दी घेर लेता है। जले हुए मरीजों को इंफेक्शन से बचाने के लिए वार्ड को बैक्टीरिया प्रूफ बनाया जाएगा। महिलाओं का भी खास ख्याल रखा जाएगा। दूसरे फ्लोर पर इसको प्रस्तावित किया गया है। एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए खास व्यवस्था की जाएगी।

प्रतिदिन 20 से 25 आते हैं मरीज 
मेडिकल कॉलेज में सामान्य तौर पर प्रतिदिन 20 से 25 मरीज जलने की समस्या से ग्रस्त होकर आते हैं। कम जले मरीजों को तो भर्ती कर लिया जाता है, लेकिन 10 से 12 मरीज ऐसे भी आते हैं जिन्हें रेफर करना पड़ता है। साल भर में करीब 100 से 150 गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।

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जल्द शुरू करने की तैयारी 
नई बर्न यूनिट बनकर लगभग तैयार हो चुकी है। उम्मीद है जल्द ही इसको शुरू कर दिया जाएगा। स्टाफ और सर्जन के लिए भी शासन को पत्र भेजा गया है। - डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

जिला अस्पताल में भी नहीं है बर्न यूनिट 
पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में भी बर्न यूनिट नहीं है। यहां जो जले हुए मरीज आते हैं उनको मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। हालांकि डायलिसिस यूनिट वाली बिल्डिंग में बर्न वार्ड भी बना है, लेकिन स्टाफ न होने के कारण वह संचालित नहीं हो पा रहा है।
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