सहारनपुर। एटीएस की गिरफ्त में आए अब्दुल्ला के साथी फैजान का नेटवर्क वेस्ट यूपी से लेकर कश्मीर तक फैला हुआ है। मारे गए आतंकी बुरहान वानी का सहयोगी रह कर उसने अपना मजबूत जाल बिछा रखा है। देवबंद में ठिकाना बनाने के बाद बांग्लादेशी आतंकी भी यहां आए और उसके पास ठहर चुके हैं। देवबंद में रहकर फैजान ने बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था। बांग्लादेश में बैठे आकाओं से सीधे संपर्क में होने के कारण उसे आतंकियों की योजनाओं की भी पूरी जानकारी है। यही कारण है कि बांग्लादेशी आतंकी यहां आसानी से शरण लेते रहे थे और देवबंद में उन्हें दस्तावेज मुहैया कराने के बाद उन्हें देश में सुरक्षित रूप से रहने में सहायता कर रहा था। एटीएस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि कितने बांग्लादेशी आतंकी आकर रुके थे। देवबंद सहित पश्चिमी यूपी में फैजान के संभावित पनाहगारों की भी तलाश की जा रही है।
फरार फैजान के ठिकाने पर की गई थी छापेमारी
आतंकी अब्दुल्ला गिरफ्तार
फरार फैजान के ठिकाने पर की गई छापेमारी में बरामद साहित्य से एक बात साफ है कि वह आईएसआईएस और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों से बेहद प्रभावित था। यही कारण है कि इनसे जुड़े साहित्य न केवल वह खुद पढ़ता था, बल्कि दूसरे लोगों को भी मुहैया करा चुका है। मुजफ्फरनगर के कुटेसरा से आतंकी अब्दुल्ला की गिरफ्तारी के बाद वेस्ट यूपी में प्रतिबंधित बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसारउल्ला बांग्ला टीम की मौजूदगी पाई गई है। ऐसे में अब यह आशंका जाहिर की जा रही है कि यह आतंकी संगठन यहां अपनी जड़े मजबूत कर चुका है। फैजान कश्मीर में भी रह चुका था और बुरहान वानी के खास सिपहसालारों में शामिल था। ऐसे में उसे संगठन से जोड़ने के लिए हर हथकंडे की जानकारी थी। कश्मीर से देवबंद आने के बाद उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क स्थापित किया था और कश्मीर में छिपे आतंकियों से भी लगातार संपर्क में रहा। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि आतंकी बांग्लादेश में बैठे आकाओं से सीधे संपर्क में थे और यहां अपने पांव मजबूत करने में जुटे थे। इनके पास से बरामद हुई वस्तुओं से यह बात साफ हो गई है कि अब्दुल्ला और फैजान ने बड़े पैमाने पर बांग्लादेशियों को शरण दी। ऐसे में इनके नेटवर्क के देशभर में फैलने से इनकार नहीं किया सकता।
कश्मीर में पनाह ले सकता है फैजान ः एटीएस की पकड़ से दूर फैजान छिपने के लिए महफूज ठिकाने में गया होगा। एटीएस सूत्रों की मानें तो उसके लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना कश्मीर हो सकता है। इसके अलावा उसके दिल्ली में भी छिपे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि एटीएस उसकी तलाश में कवायद तेज कर रखी है।
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