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दस दिन पहले कैली बाईपास पर मिला शव नगर निगम कर्मी का था

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दस दिन पहले कैली बाईपास पर मिला शव नगर निगम कर्मी का था
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खरखौदा। दस दिन पहले कैली-हापुड़ बाईपास पर धीरखेड़ा के समीप सड़क के बीच डिवाइडर पर मिला शव नगर निगम के सफाई कर्मी का था। शुक्रवार को उसके भाई नितिन ने थाने में पहुंचकर कपडे़ देखकर मृतक की पहचान अपने भाई अरविंद के रूप में की। हालांकि पुलिस ने 72 घंटे शव मोर्चरी में रखने के बाद पहचान न होने पर अंतिम संस्कार कर दिया था।
राष्ट्रीय राजमार्ग 334 पर कैली-हापुड़ बाईपास पर धीरखेड़ा फ्लाईओवर के पास डिवाइडर में लगी फुलवारी में 30 वर्षीय एक अज्ञात युवक का अर्धनग्न अवस्था में शव मिला था। 72 घंटे बीतने पर शव की शनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया था।
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शुक्रवार को थाने पहुंचे कमालपुर नितिन पुत्र जगवत सिंह ने मृतक की शिनाख्त अपने भाई अरविंद (30) के रूप में की। नितिन ने बताया कि उसका परिवार मूलरूप से गांव झिंझोकर थाना कंकरखेड़ा का रहने वाला है। कई वर्ष पहले परिवार मेडिकल थाना क्षेत्र के गांव कमालपुर में आकर रहने लगा। अरविंद अपनी पत्नी मोनी व दो बेटों के साथ अलग मकान में रह रहा था। 30 नवंबर की सुबह वह घर से ड्यूटी पर निकला था, लेकिन ड्यूटी के बाद शाम को घर नहीं लौटा। पीड़ित पक्ष ने अरविंद की गुमशुदगी थाना मेडिकल में दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन थाना लिसाड़ी गेट का बताकर टरका दिया। क्योंकि अरविंद थाना लिसाड़ी गेट में ही चमड़ा पैठ पर तैनात था। मामला दो थाने का होने के कारण उसकी गुमशुदगी नहीं दर्ज की गई।
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शुक्रवार को क्षेत्र के गांव कैली निवासी एक परिचित की सूचना पर परिजन थाना खरखौदा पहुंचे। उन्होंने कपड़ों के आधार पर शनाख्त की। वहीं, परिजनों का कहना है कि 30 नवंबर को घर में कुछ कहासुनी हो गई थी।
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