फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: सीजन का सबसे सर्द दिन... तापमान 7.7 डिग्री और विजिबिलिटी शून्य, कोहरे मेंं सूरज लापता

विज्ञापन
विज्ञापन
सीजन का सबसे सर्द दिन...
विज्ञापन

तापमान 7.7 डिग्री और विजिबिलिटी शून्य, कोहरे मेंं सूरज लापता
दिन भर ठंड में कांपते रहे शहरवासी, चार दिन तक राहत के आसार नहीं
मोदीपुरम/मेरठ। सर्दी हर रोज नए रिकार्ड बना रही है। कोहरे ने भी यातायात व लोगोें का दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शनिवार का दिन सीजन का सबसे सर्द दिन दर्ज किया गया। तापमान 7.7 डिग्री और विजिबिलिटी शून्य रही। कोहरे के कारण सूरज नहीं दिखा और धूप नहीं निकली। ठंड और शीत लहर से दिन भर लोग ठिठुरते रहे। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि अगले चार दिन तक अभी ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
नए साल की शुरूआत से ठंड बढ़ती जा रही है। दिन प्रतिदिन न्यूनतम पारा गिर रहा है। तापमान सामान्य से नीचे होने के कारण मौसम बदला हुआ है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण सर्दी बढ़ रही है। शनिवार को मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 12.1 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सिसयस रिकार्ड किया गया। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. यूपी शाही का कहना है कि अभी 48 घंटे तक मेरठ समेत आसपास के जनपदों में ठंड रहेगी। कोहरे से अभी राहत नहीं मिलेगी।
विज्ञापन

कोहरे और पाले से फसल को बचाना है जरुरी
डॉ. यूपी शाही का कहना है कि इस समय कोहरे और पाले का असर तेज हो गया है। पाला आलू की फसल के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। सुबह के समय आलू की फसलों पर सफेद सी चादर बिछ जाती है। इससे फसल को नुकसान होना शुरू हो गया। पाला अगर ऐसे ही पड़ेगा तो नुकसान और भी बढ़ेगा। हालांकि ठंड गेहूं की फसल के लिए बहुत उपयोगी है और अच्छी रहेगी। पाला सरसों को भी नुकसान करता है। बढ़ता कोहरा और पाला फसलों के लिए काफी हानिकारक है।
विज्ञापन



कम रहा प्रदूषण
शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स में 24 घंटे में गिरावट दर्ज की गई है। मेरठ का एक्यूआई शनिवार को 128, बागपत 153, गाजियाबाद 312, मुजफ्फरनगर 116, गंगानगर 128, जयभीमनगर 114, पल्लवपुरम 136, बेगम पुल 110 दिल्ली रोड 130 दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे में एयर क्वालिटी इंडेक्स में बढ़ाने के बाद गिरावट दर्ज की गई है। अभी ऐसे ही एयर क्वालिटी इंडेक्स में उतार चढ़ाव बना रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें