उन्होंने बताया कि कई बार लाइब्रेरी में जाकर शिक्षण कार्य किया गया, लेकिन आज वहां पर पहले से ही कई कक्षाएं संचालित थी। ऐसे में मजबूरी में उन्हें यहां कक्षा संचालित करनी पड़ी। एमपी शर्मा ने बताया कि जो छात्र पढ़ रहे हैं, वह एलएलएम द्वितीय सत्र के छात्र हैं।
इनका इस सत्र में अभी तक सिलेबस आधा भी पूरा नहीं हुआ है। मात्र चार ही विद्यार्थियों की संख्या पर उन्होंने बताया कि छात्रों की संख्या ज्यादा है, लेकिन आए दिन कक्षा संचालन न होने से अब छात्रों ने आना भी बंद कर दिया है। आज इन छात्रों ने पढ़ाई के लिए जोर दिया तो यहीं पर कक्षा संचालित कर दी।
प्रोफेसर ने बताया कि आए दिन होने वाली परीक्षाओं से अब ऐसा लगता है। कि उनकी नियुक्ति भी पढ़ाने के लिए नहीं बल्कि शिक्षण कार्य के लिए हुई है। प्राचार्यों भी परीक्षाओं के कारण अपनी मजबूरी बताकर पल्ला झाड़ लेती हैं। छात्रों की 20 मई से परीक्षा हैं। कोर्स अभी काफी रह गया है।
बाहर क्यों पढ़ाया, मांगा जाएगा जवाब
कॉलेज में कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन कई कमरे खाली हैं। प्रोफेसर को अलग से भी कमरा दिया हुआ है। वह वहां पर जाकर पढ़ा सकते थे। उन्होंने छात्रों को बाहर क्यों पढ़ाया, इसके बारे में प्रोफेसर से जवाब लिया जाएगा।
- अंजलि मित्तल, प्रिंसिपल, मेरठ कॉलेज