मेरठ। स्वाइन फ्लू... नाम सुनकर ही लोगों के चेहरे पर खौफ तारी हो रहा है। लेकिन यह उतना खतरनाक है नहीं, जितना हंगामा बरपा है। जांच करने पर 76 प्रतिशत मरीजों को स्वाइन फ्लू निकला ही नहीं है, जिन लोगों को स्वाइन फ्लू हुआ है, उनमें से भी पांच दिन की दवा खाकर करीब 90 प्रतिशत मरीज ठीक हो गए हैं। जिन 12 लोगों की मृत्यु हुई है, उनमें से भी नौ लोग पहले ही बीमार चल रहे थे। बृहस्पतिवार को मिले एक मरीज समेत पिछले तीन दिनों में 86 सैंपलों की जांच हुई है, जिनमें से सिर्फ सात लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
इस साल मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में 420 लोगों के सैंपलों की जांच की गई है, जिनमें से 102 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें 87 मरीज मेरठ और बाकी आसपास के जिलों के हैं। इस दौरान 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 9 मेरठ और तीन दूसरे जिलों के हैं। पिछले साल स्वाइन फ्लू के 399 मरीज मिले थे, जिनमें से चार लोगों की मृत्यु हुई थी, यानी मौत का प्रतिशत सिर्फ एक था। इससे पहले 2018 में सिर्फ 24 स्वाइन फ्लू के मरीज मिले थे, मृत्यु किसी की नहीं हुई थी। साल 2017 में स्वाइन फ्लू के 395 मरीज मिले थे, जिनमें 21 लोगों की मृत्यु हुई थी। यानी मौत का प्रतिशत करीब पांच था। सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि आने वाले दिनों में यह प्रतिशत और कम होता जाएगा। घबराने की जरूरत नहीं है। अगर पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं है तो पांच दिन टेमी फ्लू की दवा खाकर मरीज ठीक हो जाता है। दूसरी तरफ, यह बीमारी साफ-सफाई का ध्यान न रखने और स्वाइन फ्लू पीड़ित के बिना एहतियात संपर्क में रहने के कारण फैलती है, लिहाजा सावधानी सबसे बड़ा बचाव है।
बीमार लगाएं मास्क तो बाकी को कम जरूरत पड़े
सीएमओ का कहना हैकि जो लोग मास्क लगा रहे हैं, वे बीमार नहीं हैं। अगर बीमार व्यक्ति मास्क लगाएं तो जो सेहतमंद हैं, उन्हें मास्क लगाने की जरूरत ही न पड़े। इससे बाजार में जिस तरह से मास्क की कमी बताई जा रही है, यह स्थिति भी नहीं बनेगी। इसके अलावा मास्क लगाने वाले भी सावधान रहें, क्योंकि मास्क का इस्तेमाल कर उसे सही से डिस्पोज करें। साथ ही हाथ धोएं। ऐसा नहीं है कि मास्क लगा लिया तो हाथों की सफाई पर ध्यान नहीं देना है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करें तो यह हमला नहीं कर पाएगा।
पीएसी के सारे जवान फिट
पीएसी के जिन 20 जवानों को स्वाइन फ्लू हुआ था, वे सभी ठीक हो गए हैं। उन्हें पीएसी कैंपस में भी भेज दिया गया है। एहतियात के तौर पर 568 पीएसी जवानों को टेमी फ्लू दी जा रही है। उन सभी की सेहत भी ठीक है। सीएमओ का कहना है कि कोई घबराने या परेशान होने की बात नहीं है।