नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए सर्वे होगा
मेरठ। नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जल्द ही सर्वेक्षण कराया जाएगा। कताई मिल, इटारा गांव और वेदव्यासपुरी क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है।
एमडीए सभाकक्ष में हुई उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने इस तैयारी के लिए कुछ सुझाव पेश किए। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और फ्लैटेड फैक्टरी कांप्लेक्स की स्थापना का मांग प्रस्ताव रखा। कमेटी में एमडीए उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडी, उपायुक्त उद्योग प्रोत्साहन, अध्यक्ष लघु भारती और चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज को शामिल किया गया। यह कमेटी भूमि को चिह्नित करेगी।
चैंबर अध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि वेदव्यासपुरी में लगभग दो लाख गज भूमि है। इसका अधिग्रहण कर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा सकता है। इस दौरान कुछ उद्यमियों ने सुझाव दिया कि कताई मिल के पीछे लगभग 400 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस भूमि में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए। यह भूमि दिल्ली रोड और ट्रांसपोर्ट नगर के पास है।
वहीं, इटारा गांव में लगभग 200 एकड़ अतिरिक्त जमीन है, जिसका उपयोग इस काम के लिए किया जा सकता है। इस भूमि का कोई स्वामित्व नहीं है। आयुक्त ने कमेटी सदस्यों को मौके पर निरीक्षण करने के साथ कताई मिल के पीछे जमीन का लैंड रिवेन्यू रिकार्ड निकालने के लिए आदेशित किया।
लघु उद्योग भारती के संभाग महासचिव राजकुमार शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से उद्यमियों को राहत मिलेगी। बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान चैंबर महामंत्री विपिन कुमार अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के संभाग महासचिव राजकुमार शर्मा, आरएम यूपीसीडा अनिल शर्मा, उपायुक्त उद्योग दीपेंदर कुमार, लघु उद्योग भारती के महानगर अध्यक्ष पंकज जैन आदि रहे।