मेरठ। बारिश और ओलावृष्टि से जहां किसानों को भारी नुकसान हुआ है, वहीं गन्ने की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। कई शुगर मिलों में नो केन की स्थिति पहुंच गई है। मंडल का गन्ना इंडेंट दस लाख कुंतल प्रतिदिन से घटकर आधा रह गया है। गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दो से तीन दिन बाद ही स्थिति में सुधार आ पाएगा।
ओलावृष्टि से गन्ने का अगोला पूरी तरह बर्बाद हो गया। तेज हवा के कारण जो गन्ना गिर गया है उसमें भी वजन कम होने का खतरा बढ़ गया है। खेतों में पानी भरा होने से गन्ना छिलाई बंद हो गई है। गन्ना सेंटरों पर भी जलभराव होने से गन्ने का उठान नहीं हो सका है। इसके चलते मंडल की मिलों पर गन्ने की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। मिल पर जो गन्ना पड़ा है उसी की पेराई चल रही है। वहीं खेतों में नमी कम होने के बाद ही किसान गन्ने की छिलाई कर सकेंगे। गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सुपरवाइजरों ने गांवों का दौरा कर जो रिपोर्ट दी है उसमें हालात सामान्य होने में दो से तीन दिन का समय लगेगा।
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वर्जन...
दो-तीन दिन में सुधरेगी व्यवस्था
बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र की मिलों को गन्ना मिलने में दो से तीन दिन तक दिक्क्त आएगी। बारिश के चलते छिलाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसके चलते गन्ना इंडेंट भी घटकर आधा रह गया है। -राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र