कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना की चारों विधियों से जांच के लिए सुभारती मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को अनुमति मिल गई है। आरटीपीसीआर, आरटीपीसीआर ओपन विधि, एंटीजन टेस्टिंग और केमिल्यूमीनिसेंस विधि द्वारा एंटीबॉडी की माप विधियां ट्रूनेट हैं।
किसी भी लैब को इन विधियों से जांच करने की अनुमति आईसीएमआर देती है। इसके लिए लैब एनएबीएल संस्था से प्रमाणित होनी चाहिए। एनएबीएल से प्रमाणिकता के बाद लैब का निरीक्षण आईसीएमआर के नोडल प्रतिष्ठान द्वारा किया जाता है।
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सुभारती मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. कृष्णामूर्ति ने बताया कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बाद सुभारती मेडिकल कॉलेज प्रदेश का दूसरा मेडिकल कॉलेज है। वहीं, निजी क्षेत्र का पहला मेडिकल कॉलेज है। जिसे चारों विधियों से कोरोना जांच करने की अनुमति एनएबीएल की प्रमाणिकता के साथ मिली है।
अब मेरठ जोन के लोगों को जांच कराने में एवं विभिन्न अस्पतालों में रोगियों के इलाज में सुविधा हो जाएगी। सुभारती मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी की अध्यक्ष डॉ. अनिता पांडेय, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. अंजलि खरे के नेतृत्व में सहायक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि और प्रभारी लैब की टीम ने कोरोना मरीजों की सेवा में दिन-रात काम किया।