फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना अंकों के प्रोन्नत किए छात्रों का बोर्ड कार्यालय पर हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
बिना अंकों के प्रोन्नत किए छात्रों का बोर्ड कार्यालय पर हंगामा
विज्ञापन

मेरठ। यूपी बोर्ड परीक्षा में बिना अंक के प्रोन्नत (पास) किए गए छात्रों ने शनिवार को यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पर करीब साढ़े चार घंटे तक हंगामा किया। छात्रों का कहना था कि मार्कशीट पर अंक नहीं होने से वह किसी प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने दो छात्र नेताआें का शांतिभंग में चालान कर दिया। शासन को समस्या से अवगत कराने के आश्वासन पर धरना खत्म हुआ।
मेरठ परिक्षेत्र कार्यालय के अंतर्गत आने वाले चार मंडलों और 17 जिलों के 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिन्हें बिना अंक दिए बोर्ड परीक्षा में प्रमोट किया गया है। इनमें में अधिकतर छात्र-छात्रा ऐसे हैं, जो एक या दो विषयों में फेल थे। बोर्ड ने उन्हें उसी अंक के आधार पर प्रमोट किया है। यही वजह है कि फेल वाले अंक उनकी मार्कशीट में नहीं चढ़ाए गए हैं।
विज्ञापन

अंक नहीं दिए जाने से नाराज मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, शामली और बागपत समेत अन्य जिलों के छात्र बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। काफी देर तक हंगामा हुआ। बोर्ड अधिकारी छात्रों के बीच पहुंचे और उन्हें दोबारा आवेदन कर बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा, लेकिन छात्र नहीं माने। छात्रों का कहना था कि वह जब एक या दो विषयों में ही फेल हैं, तो पूरी परीक्षा क्यों दिलाई जा रही है। हंगामा कर रहे छात्र बोर्ड कार्यालय के सामने धरना देकर बैठ गए। छात्रों ने मांग रखी कि उन्हें पुराने अंकों के आधार पर ही प्रमोट किया जाए, जिससे वह इस साल की भर्तियों व प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
मामला बढ़ने पर लालकुर्ती थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। सपा छात्र नेता हैविन खान और शान मोहम्मद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों को थाने ले जाकर शांतिभंग में चालान कर दिया। सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अंशु मलिक, पूर्व अध्यक्ष तरुण मलिक, करार हुसैन, नीतिश भारद्वाज मौजूद रहे। शासन को समस्या से अवगत कराने के आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया।
नेताओं पर छात्रों को भड़काने का आरोप
धरने में यूपी बोर्ड के 10वीं व 12वीं के छात्रों की अगुवाई कर रहे छात्र नेताओं और पुलिस के बीच कहासुनी और झड़प हुई। पुलिस ने कहा कि छात्र नेता ही छात्रों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें समझाया कि ऐसा नहीं करें। छात्र नेताओं ने हंगामा किया और पुलिस के साथ कहासुनी हुई।
शासन को बताएंगे छात्रों की समस्या
क्षेत्रीय बोर्ड सचिव राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन ने बताया कि छात्रों को नियम और स्थिति से अवगत कराया गया। छात्रों का कहना था कि उनके प्री बोर्ड के अंक स्कूलों ने नहीं भेजें है। छात्र अपनी मांग के अनुरूप समाधान चाहते थे। लेकिन इस पर कार्रवाई क्षेत्रीय कार्यालय से नहीं की जा सकती थी। शासन को इससे अवगत करा दिया गया है और समझाकर धरना खत्म करा दिया है।
विज्ञापन

इस तरह दे सकते हैं परीक्षा
परिषद मुख्यालय ने ऐसे सभी छात्रों को 27 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर दिया था जिसकी परीक्षा अगले महीने (अक्टूबर) होनी है। 29 अगस्त तक प्रधानाचार्यों को आवेदन यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें