मेरठ। कैंट इलाके में दिल्ली की छात्रा की मौत का 25 दिन बाद राज खुला है। छेड़छाड़ का विरोध करने पर चचेरे भाई ने छात्रा को गोली मारी थी। बेटे को बचाने के लिये चाचा और चाची ने सुबूत तक मिटाए थे।
यह मामला सदर बाजार थानाक्षेत्र के कैंट स्थित उमराव सिंह एंकलेव का है। एक छात्रा की गोली लगने से मौत हुई थी। छात्रा का चाचा आर्मी में जवान है। छात्रा दिल्ली में एक यूनिवर्सिटी में बीए की पढ़ाई कर रही थी। 22 सितंबर को वह परिवार के साथ कानपुर एक कार्यक्रम में गई थी। कार्यक्रम होने के बाद उसको दिल्ली आना था। जिसके चलते वह अपने चाचा के साथ मेरठ आ गई। 25 नवंबर की रात करीब 1:30 बजे चाचा ने लखनऊ में छात्रा के मामा को फोन पर सूचना दी कि बेटी को गोली लग गई। गोली खुद चल गई थी, जिसमें छात्रा की मौत हो गई है। जिसके चलते मामला हादसा ही बताया गया था। छात्रा के मामा का आरोप कि चचेरे भाई ने छेड़छाड़ की थी। जिसका विरोध करने पर चचेरे भाई ने छात्रा को गोली मार दी। दंपति ने सुबूत मिटा दिए। इस मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या और सुबूत मिटाने की धारा में केस दर्ज कर लिया है। सीओ सदर कैंट यूएन मिश्रा का कहना है कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।