मोदीपुरम। फास्टैग व्यवस्था लागू होने के चार दिन बाद भी सिवाया टोल प्लाजा पर व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। जहां फास्टैग लेन से कम ही वाहन गुजर रहे हैं, वहीं कैश लेन में वाहनों का अधिक दबाव होने के कारण जाम की समस्या बन रही है। हालांकि बुधवार को कैश लेन में टोलकर्मियों ने हैंडिड मशीन लेकर वाहनों के पास जाकर पर्ची काटी जिससे जाम से थोड़ी राहत मिली है।
दरअसल 15 दिसंबर से देशभर के नेशनल हाईवे पर स्थित टोल पर फास्टैग व्यवस्था लागू हो गई है। यह फास्टैग वाहन पर लगा होगा और वाहन चालक को टोल पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, जैसे ही वाहन टोल से गुजरेगा फास्टैग के जरिये टोल शुल्क स्वत: ही खाते से कट जाएगा। इस व्यवस्था को लागू हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी कम ही लोगों ने फास्टैग बनवाया है। ऐसे में फास्टैग लेन से गुजरने वाले वाहनों की संख्या कम है, जबकि कैश लेन पर वाहनों का दबाव ज्यादा है। इसके चलते वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिसके कारण जाम भी लग रहा है। लोगों की समस्या को देखते हुए टोल प्लाजा डायरेक्टर श्रीधर नारायण ने टोलकर्मियों को हैंडिड मशीन लेकर वाहनों के पास जाकर टोल शुल्क लेने के निर्देश दिए। बुधवार को मेरठ से दौराला की ओर लेन 1 व 2 जबकि दौराला से मेरठ की ओर लेन 11 व 12 पर टोलकर्मियों ने हैंडिड मशीन से पर्ची काटी। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक मशीन से भी पर्ची काटी गई। इस व्यवस्था से जाम से काफी हद तक राहत मिल गई। बुधवार को कैश लेन से जहां 8 हजार वाहन गुजरे वहीं फास्टैग वाले वाहनों की संख्या 3400 रही।
50 प्रतिशत फास्टैग वाहन
टोल प्लाजा मैनेजर प्रदीप चौधरी ने बताया कि टोल पर एनएचएआई की और से भी फास्टैग दिए जा रहे है। करीब 50 प्रतिशत वाहन अब फास्ट टैग लेन से निकल रहे है। जल्द ही यह संख्या 80 प्रतिशत हो जाएगी। टोल के सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान ने बताया कि व्यवस्था बनाने के लिए कैश लेन पर अतिरिक्त टोलकर्मियों को लगाया गया है।
लगातार सुधर रही व्यवस्था
टोल पर फास्टैग व्यवस्था लागू होने के बाद लगातार सुधार हो रहा है। टोल प्रबंधन द्वारा यात्रियों को फास्टैग के बारे में जागरूक किया जा रहा है। हालांकि अभी लोकल वाहनों को लेकर थोड़ी परेशानी आ रही है, उसमें भी सुधार किया जा रहा है। - श्रीधर नारायण, डायरेक्टर वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा
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