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अजब-गजब: गुरु जी सुन लो गुहार, पैसे ले लो पर पास कर दो, परीक्षकों को ऐसे लालच दे रहे छात्र

Mon, 18 Mar 2024 12:16 PM IST
Dimple Sirohi नेहा त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

यूपी बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए छात्र छात्राएं पास होने के लिए अलग अलग हथकंडे अपना रहे हैं। कोई गरीब होने का हवाला दे रहा है तो कोई रुपये लेकर परीक्षा में पास होने की गुहार लगा रहा है।
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यूपी बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते परीक्षक। संवाद
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विस्तार
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यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है। ऐसे में परीक्षाओं की कॉपी जांचने वाले परीक्षकों से छात्र रुपये का लालच देने के साथ अजब-गजब गुहार लगा रहे हैं। वे पिता की बीमारी के साथ गरीब होने तक का हवाला दे रहे हैं। बहुत से छात्रों ने तो उत्तर पुस्तिका में प्रश्नपत्र ही उतार दिए हैं।  

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दो दिन में अब तक जिले के चारों केंद्रों पर 53 हजार के करीब कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। राजकीय इंटर कॉलेज में 84210 कॉपियों का मूल्यांकन होना हैं, जिसमें से अभी केंद्र को 65636 कॉपियां उपलब्ध कराई गई हैं। दूसरे दिन केंद्र पर 7036 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ।

डीएन इंटर कॉलेज में 139897 कॉपियों का मूल्यांकन होना है। केंद्र पर अभी तक 128912 कॉपियां ही पहुंच सकी हैं, जिनमें से दूसरे दिन 7212 कॉपियां चेक हुई। एसएसडी ब्वायज  इंटर कॉलेज में 135423 कॉपी चेक होनी हैं। अभी तक 15700 चेक हो सकी हैं। एनएएस इंटर कॉलेज में 206264 में से 31557 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ है। मूल्यांकन केंद्रों पर 80 प्रतिशत ही शिक्षक पहुंच रहे हैं। 
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मजबूरी बताकर किया पास करने का अनुरोध 
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं का मूल्यांकन चल रहा है। ऐसे में डेढ़ से दो सौ परीक्षक हर रोज कॉपियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। इस समय इंटरमीडिएट की भौतिक, अंग्रेजी और हिंदी की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य चल रहा है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक परीक्षक ने बताया कि उन्हें कॉपियों में दो बार 500 सौ के नोट मिले हैं। एक अन्य परीक्षक ने बताया कि एक छात्र ने पिता की बीमारी का हवाला देते हुए परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाने की बात लिखी है और उसने पास करने की गुहार भी लगाई है। 

दिया गया है गरीबी का हवाला
एक अन्य परीक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया है कि एक छात्र ने गरीब होने का हवाला देते हुए परीक्षा में पास करने की गुहार  लगाई है। एक अन्य परीक्षक ने बताया कि एक ने खुद की बीमारी का कारण बताते हुए पढ़ाई ठीक से नहीं कर पाने का  हवाला दिया है। ऐसे ही उत्तर पुस्तिकाओं में कई तरह के अजब-गजब संदेश देखने को मिल रहे हैं। हालांकि परीक्षक इन संदेशों   पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और वे पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लगे हुए हैं।
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