मेरठ। शहर से लेकर देहात तक लावारिस कुत्तों की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। हालात इतने भयावह हैं कि बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। हर गली, नुक्कड़ और चौराहे पर कुत्तों के झुंड नजर आते हैं। ये राहगीरों पर अचानक हमला कर उनकी जान खतरे में डाल रहे हैं।
हापुड़ रोड, दिल्ली रोड, गढ़ रोड, सदर बाजार, पल्लवपुरम, गंगानगर और कंकरखेड़ा समेत कई प्रमुख इलाकों के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी कुत्तों की दहशत साफ देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्ते आए दिन राह चलते लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर रहे हैं। कई मामलों में बच्चों को निशाना बनाए जाने से अभिभावकों में डर बना हुआ है। इस गंभीर समस्या पर प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो काॅलम में भी कुत्तों के हमलों की शिकायतें की गई हैं। स्थानीय लोग पुष्पेंद्र, ओमपाल, मनवीर ने कहा कि यदि जल्द ही इस पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों से तत्काल अभियान चलाकर लावारिस कुत्तों को पकड़ने और लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।
कुत्तों के हमलों की प्रमुख घटनाएं
14 नवंबर : कंकरखेड़ा के जटौली गांव में लावारिस कुत्ते ने आठ वर्षीय बच्ची कनक पर हमला कर दिया था। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। कुछ दिन बाद बच्ची की मौत हो गई थी।
18 फरवरी : ब्रह्मपुरी में सड़क किनारे ओमवीर सो रहे थे। लावारिस कुत्तों के झुंड ने मुंह पर हमला नोच दिया था। हमले में ओमवीर घायल हो गए थे।
18 मार्च : संजय कॉलोनी निवासी लवी कुमार पर लावारिस कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। हमले में लवी गंभीर रूप से घायल हो गया था। कुछ दिन बाद लवी की मौत हो गई थी।
24 मार्च : बेगमपुल चौकी के खानाबदोश परिवार के एक डेढ़ वर्ष के बच्चे सीते को रात को सोते समय लावारिस कुत्तों का उठाकर ले गया था। कुत्तों ने बच्चे को नोचकर घायल कर दिया था। बच्चे की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी।