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आंधी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त, शहर बना टापू

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बारिश से गुजरते लोग
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मेरठ। आंधी और बारिश से सोमवार को जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। नाले उफन गए और पानी सड़कों पर बह निकला। जलभराव से यातायात भी प्रभावित हो गया। शहर टापू बन गया। लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। शहर की गलियों में ही नहीं बल्कि मुख्य मार्गों पर भी भारी जलभराव हो गया। कई जगह लोग अपने दोपहिया वाहनों को पानी में ही खींचकर ले जाते दिखाई दिए।
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बारिश ने नगर निगम की नाला सफाई की पोल खोलकर रख दी। शहर के छोटे नाले ही नहीं बल्कि ओडियन और आबूनाला भी उफन गए। बागपत रोड पर बुरा हाल रहा। बारिश बंद होने के करीब तीन घंटे बाद तक भी सड़क से पानी नहीं हटा। इसके अलावा बच्चा पार्क से खैरनगर, छतरीवाला पीर, नगर निगम मार्ग, निगम परिसर, ब्रह्मपुरी, पटेलनगर, शाहखाकी, जत्तीवाड़ा, प्रह्लाद नगर, जाकिर कालोनी, रसीद नगर, दिल्ली रोड, टीपीनगर, गुप्ता कालोनी, मलियाना, एनएएस कालेज मार्ग, कमिश्नरी चौराहा, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, प्रभात नगर, फूलबाग कॉलोनी, सूरजकुंड मार्ग, मोहनपुरी सहित अधिकतर सभी इलाकों में जलभराव हुआ। गंगानगर, कसेरूबक्सर, अम्हेड़ा, एल ब्लॉक गंगानगर, मसूरी गांव में जलभराव के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। कंकरखेड़ा के सतीश चौक, श्रद्धापुरी, तक्षशिला पब्लिक स्कूल मार्ग, आंबेडकर रोड, शाक्यपुरी, कासमपुर, टीकाराम कालोनी, साधुनगर, रोहटा रोड, थाना कंकरखेड़ा परिसर में भी कई जगहों पर पानी भरा। शहर के कई निचले इलाकों में तो बारिश का पानी लोगों के घरों में जा घुसा।
सीवर सिस्टम ने दिया जवाब
बरसात में सीवर सिस्टम भी जवाब दे गया। हापुड़ रोड स्थित कमेला पुलिस चौकी के निकट सीवर पंपिंग सिस्टम हांफ गया। जिसके कारण शहर की सीवर लाइन चोक हो गयी। शहर के पुराने इलाके में ही नहीं बल्कि शास्त्रीनगर सहित कई इलाकों में सीवर उफन गए। जिसके कारण बारिश का पानी उतरने में काफी समय लग गया। जनता परेशान हो गयी।
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बारिश के साथ आंधी से उखड़े पेड़
बारिश के साथ आई आंधी के कारण शहर में बिजली बंबा सहित कई इलाकों में पेड़ उखड़कर गिर गए। कई जगहों पर बिजली की लाइन टूट गयी। जिसके कारण विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो गयी। देर रात तक भी पेड़ो को नहीं उठाया जा सका।
कचहरी में भी हुआ जलभराव
बारिश से कचहरी में जल निकासी की पोल खुल गई। कचहरी चौराहे पर कलक्ट्रेट परिसर से और रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से पानी आने के कारण मेन चौराहे पर जलभराव हो गया। इसी तरह कचहरी चौराहे से हनुमान मंदिर गेट की तरफ और भारद्वाज लॉ चेंबर के पास काफी देर तक पानी भरा रहा। इसके वकीलों और वादकारियों को खासी परेशानी हुई। वकीलों का कहना है कि कचहरी में बनाई गईं नालियों का ढाल सही नही बनाया गया है। उनकी चौड़ाई भी कम है। नालियों में कूड़ा भी भरा है।
हाईवे पर रुकी वाहनों की रफ्तार, जलानी पड़ी लाइट
मोदीपुरम। बारिश और आंधी के चलते हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। दिन में अंधेरा छा गया और दुपहिया वाहन चालकों को हाईवे पर ही सुरक्षित स्थान देखना पड़ा। सकौती के पास हाईवे पर पेड़ गिरा। गनीमत रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया। इसके अलावा आंधी के चलते देहात क्षेत्र में भी कई जगहों पर पेड़ गिरे हैं। जलभराव के चलते रुड़की रोड पर व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो गए। पल्लवपुरम में निचली कॉलोनियों में जलभराव हो गया।
कैंट के कई इलाकों में बारिश से बुरा हाल
बारिश से कैंट के कई इलाकों का बुरा हाल हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी लालकुर्ती, ढोलकी मोहल्ला, दाल मंडी, रविंद्रपुरी, पत्ता मोहल्ला, कबाड़ी बाजार में हुई। कई जगहों पर नालों का पानी घरों में घुस गया। वेस्ट एंड रोड पर भी पानी भरा रहा। लालकुर्ती में मुख्य रोड नाले के पानी से पूरी तरह से डूब गई। यहां पर लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। भैसाली मैदान के बाहर भी घंटों तक पानी भरा रहा।
पानी उतर गया था
बारिश के कारण शहर में जलभराव जरूर हुआ। लेकिन आधा घंटे के बाद पानी उतर गया। क्योंकि नालों की सफाई लगातार चल रही है। डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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