मेरठ में ऑनलाइन परीक्षाओं में सेंधमारी होने से सरकारी सिस्टम पर बड़ा सवाल उठ रहा है। आगामी 23 अप्रैल होने वाली ऑनलाइन पुलिस परीक्षा को लेकर पुलिस व एसटीएफ अलर्ट पर हैं। साइबर क्रिमिनलों का नेटवर्क तोड़ने के लिए मुखबिर तंत्र एक्टिव किया गया है। एसएससी परीक्षा में निजी कंपनी और परीक्षा केंद्रों में सेंधमारी का भंडाफोड़ होने से शासन तक खलबली मची है। इसको देखते हुए ऑनलाइन परीक्षा की निगरानी में पुलिस व एसटीएफ के साथ कई एजेंसियों को लगाया गया है।
ऐसे करते परीक्षा में सेंधमारी
पुलिस भर्ती परीक्षा, एसएससी समेत कई परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने के लिए सरकार प्राइवेट कंपनी को ठेका देती है। एसएससी और पुलिस परीक्षा कराने का ठेका अलग-अलग साफ्टवेयर कंपनी के पास है। कंपनी परीक्षा सेंटरों के लॉगिन व पासवर्ड अलग-अलग देती है। साइबर क्रिमिनल कंपनी के कर्मचारियों से सेटिंग करते हैं। लॉगिन व पासवर्ड लेकर सेंटरों से संपर्क करते है। ऑनलाइन नकल कराने की एवज में परीक्षार्थियों से मोटा पैसा लेते हैं।
यूपी में बड़ा नेटवर्क फैला
साइबर अपराधियों का पश्चिम समेत यूपी में नेटवर्क फैला है। परीक्षा कराने वाली कंपनी और परीक्षा केंद्रों पर उनकी जबरदस्त पकड़ है। कई परीक्षा केंद्रों को आरोपी अपने अनुसार निर्धारित कराते हैं। ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने के लिए इस गिरोह के सदस्यों का अलग-अलग रोल होता है। गिरोह के सदस्य कोचिंग सेंटर खोलकर भी परीक्षार्थियों से संपर्क करते हैं। ऐसे में पुलिस और एसटीएफ की नजर साइबर अपराधियों के साथ ऐसे कोचिंग सेंटरों पर है जो युवाओं को सौ फीसदी सफलता के झांसे में ले रहे हैं। हाल ही एसएससी परीक्षा में नकल का पर्दाफाश होने पर सरकार गंभीर हुई है। अब 23 अप्रैल को होने वाली यूपी पुलिस की ऑनलाइन परीक्षा से पहले ऐसे साइबर अपराधियों ने जाल फैलाना शुरू कर दिया गया है। जिन पर पुलिस और एसटीएफ की नजर है। ऐसे साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस और मुखबिर तंत्र बड़ा सहारा है, जिसे एक्टिव कर दिया गया है।
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