आबूलेन पर स्कॉर्पियो से कुचलकर मरने वाले युवक की पहचान मंगलवार को भानु पुत्र बच्चू सिंह गांव नारायणदास खेड़ा जिला उन्नाव के रूप में हुई। वह कंकरखेड़ा की रेलवे कालोनी में रहता था। शव की पहचान उसके बहनोई तारा सिंह ने की।
भानु की जगह कोई रसूखदार होता तो पुलिस गाड़ी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर लेती लेकिन गरीब की पैरवी करने वाला कौन होता है। ये भी तब जबकि भीड़ ने स्कॉर्पियो सवार अनुभव गोयल की पिटाई करके पुलिस के हवाले कर दिया। अनुभव शराब के नशे में था। उसने बताया था कि उसके साथ कार्तिक उर्फ कुश गुप्ता, मनिक और तनिष्क शर्मा निवासी कृष्णा वाटिका थे। सभी ने शराब पी रखी थी। हादसे के बाद वे सभी फरार हो गए।
गाड़ी के भीतर भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद हुईं लेकिन पुलिस ने आबकारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आईपीसी की धारा 279 और 304ए में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई जबकि शराब के नशे में आबूलेन जैसे मार्केट में इस तरह किसी को कुचलकर मार देना गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है।
भानु गरीब था, शायद इसलिए आरोपियों के नाम पता होने के बावजूद मामला अज्ञात में दर्ज किया गया। सदर बाजार थाना प्रभारी शशांक द्विवेदी का कहना है कि अनुभव गोयल की भीड़ ने पिटाई कर दी थी, इसलिए उसका पुलिस कस्टडी में अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, इतनी भारी मात्रा में स्कार्पियो में शराब मिलने पर भी पुलिस ने इसे तस्करी नहीं माना, इस पर सवाल उठ रहे हैं।