sp workers, paddy planting
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गौरतलब है कि हस्तिनापुर ब्लाक में लगने वाले 46 गांवों में विकास कार्य आधे-अधूरे ही हुए हैं। ग्रामीण ओमबीर नागर, सतबीर भाटी, केपी देशवाल, कुंवरपाल, पूर्व प्रधान संगरत्न का कहना है कि ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले अधिकांश गांवों जलभराव की समस्या से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। मोड कला, तजपुरा, झुनझुनी व अकबरपुर सादात आदि गांवो लोग जलभराव की समस्या से जूूझ रहे है।
बताया कि मानसून की बारिश भी आने को है। विकास कार्य पहले ही ठप्प पड़े हैं। सरकार ने श्रमिकों को कार्य देने के लिए मनरेगा में कार्य कराया। गांवों में विकास कार्य आधे-अधूरे ही हुए है। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नही हो रही है।
आरोप लगाया कि विकास कार्यों को कराने में विभाग के अफसर ने लॉकडाउन के हवाला देकर रुचि नहीं ले रहे हैं। जबकि प्रधानों के खातों में विकास के नाम पर लाखों रुपये आए हुए हैं। प्रदीप, संदीप, मोनू ढाका, दीपंचद, जसबीर राणा, संजय गुर्जर, शहजाद, मुस्तकीम व जगबीर आदि ने सभी विकास कार्यों की जांच की मांग रखी है।
बीडीओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकांश गांवों में दूसरी किस्त के विकास कार्य पूरे हो चुके है। लेकिन कोरोना महामारी में सभी विकास कार्य पर विराम लग गया था। ग्राम प्रधानों को शीघ्र ही दूसरी किस्त प्रधानों को मुहैया कराई जाऐगी।