उधर, पुलिस तीन घंटे तक दोनों आरोपियों को थाने ले जाने की बजाय इधर-उधर घुमाती रही। इससे यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि कही पिस्टल को बदल तो नहीं दिया गया। पुलिस इतनी देर तक आखिर पूरे मामले को मीडिया से क्यों छुपाती रही। इसको लेकर आईजी जांच बिठा सकते हैं।
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पुलिस ने अभी तक रेस्टोरेंट की फुटेज भी देखना जरूरी नहीं समझा। वहीं, रेस्टोरेंट के कर्मचारी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना है कि हम कुछ नहीं बोल सकते हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, आरोपियों को छोड़ने की बात भी कही जा रही थी।
पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल में साकिब का रोल सामने नहीं आया है। उसके भाई शोएब को नकली पिस्टल के मामले में 151 में चालान करके कोर्ट में पेश किया जा रहा है। बताया कि पिस्टल आज ही खरीदी गई है। ऐसे में पुलिस को दुकानदार से पूछताछ करके ही पता चलेगा कि कितने बजे पिस्टल खरीदी गई, अगर पिस्टल दोपहर एक बजे के बाद खरीदी गई तो इसका मतलब है कि शोएब के पास रेस्टोरेंट में कोई दूसरी पिस्टल थी। बाद में उसको बदलते हुए यह पिस्टल खरीदी गई।
एसएसपी रोहित सिंह सजवान का कहना है कि जानकारी होने के बाद उन्होंने पिस्टल देखने के लिए अपने पास मंगा ली थी, पुलिस को निर्देश दे दिए गए थे कि आरोपी की पिस्टल जब्त करके उसका 151 में चालान करे। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के मुताबिक सही कार्रवाई कर रही है।