गन्ना विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कई बार चीनी मिल प्रबंधकों को चेतावनी दी। अक्सर मीटिंग में भुगतान को लेकर कड़ा निर्देश दिया जा रहा है, लेकिन मंडल की 12 चीनी मिलों पर इसका प्रभाव नहीं हो रहा और करीब 1324 करोड़ रुपये भुगतान बकाया बना हैं। मंडल की 17 शुगर मिलों में से मात्र पांच ने ही गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान किया है।
गन्ना विभाग के समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। नया पेराई सत्र शुगर होने में करीब दो महीने का समय है, लेकिन मंडल के किसान अभी भी पूरा बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। मंडल की 17 चीनी मिलों में से मात्र पांच ने ही पूरे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जबकि शेष 12 मिलों पर 1324 करोड़ रुपये बकाया हैं। जल्द बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने को लेकर गन्ना विभाग ने चीनी मिलों को कई बार नोटिस भी जारी किए हैं। इसके बाद भी शुगर मिलें बकाया भुगतान में कोताही बरत रही हैं।
गांव नंदी फिरोजपुर के प्रगतिशील किसान सेठ पाल सिंह, चौरा खुर्द के किसान महक सिंह, बिड़वी के किसान सुधीर कुमार आदि का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। किसानों को अपने बच्चों की फीस, दवाई से लेकर खेती की लागत के लिए भी उधार या कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि या तो नियमानुसार मिल में गन्ना सप्लाई होने के 14 दिन में भुगतान हो, ऐसा नहीं होने पर बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दिलाया जाए।
मंडल की पांच चीनी मिलें गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर चुकी हैं। इनमें एक सहारनपुर और चार मुजफ्फरनगर जनपद की शुगर मिल हैं। मंडल में 78 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान हो चुका है। 12 चीनी मिलों पर अभी भी 1324 करोड़ रुपये बकाया हैं। सभी बकायेदार मिलों पर जल्द बकाया भुगतान करने के लिए दबाव बनाया है। - डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
एक नजर में पेराई सत्र 2020-21
कुल गन्ना मूल्य- 6005 करोड़ रुपये
अब तक भुगतान -4681 करोड़ रुपये
अवशेष गन्ना मूल्य -1324 करोड़ रुपये
मंडल में बकाया गन्ना मूल्य
जनपद बकाया
सहारनपुर 379 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर 387 करोड़ रुपये
शामली 585 करोड़ रुपये
नोट: उप गन्ना आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार।