गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा श्यामनगर
मेरठ। लिसाड़ी गेट का श्याम नगर इलाका शनिवार शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज गया। इरशाद को गोलियां लगने के बाद मौके पर इरशाद का भतीजा भूरा भी पहुंच गया। भीड़ हिस्ट्रीशीटर दिलशाद पर टूट पड़ी। शोर मचा कि दिलशाद को तमंचे से गोली मार दी गई। एसपी सिटी के अनुसार दिलशाद का सीटी स्कैन कराया गया। लेकिन उसके कोई गन शॉट नहीं आया। दिलशाद को भीड़ ने ही पीट-पीटकर घायल किया था।
पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर दिलशाद शातिर अपराधी है। लिसाड़ी गेट में गलत काम करने वालों से वसूली करना और रंगदारी मांगना उसका पेशा है। बताया गया कि इरशाद सट्टेबाजी करता था और दिलशाद को वसूली देता था। शनिवार सरेशाम दिलशाद पैसा मांगने इरशाद के पास गया। इरशाद बोला कि मैंने सट्टे का काम बंद कर दिया है तो किस बात का पैसा दे। यह सुनकर हिस्ट्रीशीटर ने पिस्टल निकाली और इरशाद को पहले पैर में गोली मारकर दबाव बनाने का प्रयास किया। इरशाद के विरोध करने पर दिलशाद ने इरशाद पर गोलियां बरसा दीं। वारदात के दौरान लोग जमा हुए। लेकिन दिलशाद के सामने कोई नहीं आया।
इरशाद की हत्या की जानकारी सुनते ही उसके भतीजे भूरा का गुस्सा फूट गया। भूरा दिलशाद के पीछे दौड़ पड़ा। चर्चा रही कि दिलशाद को पहले पीछे से सिर पर ईंट मारी गई, जिसमें वह नीचे गिर गया और फिर तमंचे से गोली मारी गई। इस दौरान गुस्साईं भीड़ ने भी दिलशाद की पिटाई की। पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में दोनों को अस्पताल पहुंचा। इरशाद की मौत हो गई और दिलशाद को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया।
हिस्ट्रीशीटर पर बरसाईं ईंट
पुलिस के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर दिलशाद ने सरेशाम इरशाद की हत्या करके लोगों से भी गालीगलौज की। लोग भले ही हिस्ट्रीशीटर का सामना न कर पाए हों। लेकिन बाद में घेराबंदी के बाद ईंट बहुत बरसाईं, जिससे वह सड़क पर गिर गया। पांच मिनट तक हिस्ट्रीशीटर वहीं पर तड़पता रहा और किसी ने उसको उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। बाद में पुलिस ने उसको अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस की लापरवाही भी उजागर
इरशाद की पत्नी सलमा की तहरीर पर पुलिस ने दिलशाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इरशाद के परिजनों का कहना है कि दो दिन पहले भी दिलशाद ने घर पर आकर गोलियां चलाईं थीं। जिसमें उन्होंने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। पुलिस इस मामले की जांच कर लेती तो शायद यह वारदात न होती।
दिलशाद का लिसाड़ी गेट में आतंक
हिस्ट्रीशीटर दिलशाद का लिसाड़ीगेट में आतंक है। गोली मारकर रंगदारी मांगना उसका पेशा है। इससे पहले भी कई बार लोगों के साथ वह वारदात कर चुका है। इसके बावजूद पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं करती। बताया गया कि दिलशाद की पुलिस से गहरी साठगांठ है। शनिवार को इस वारदात के बाद लोगों ने यह बात कही।
सलमान गैंग से जुड़ा दिलशाद
हिस्ट्रीशीटर दिलशाद कुख्यात सलमान गैंग से जुड़ा है। जिसके चलते दिलशाद ने लिसाड़ीगेट और कोतवाली में कई जगहों पर गोलियां चलाईं। दिलशाद को एक वारदात में गोली भी लगी थी। वह एक दुकानदार से रंगदारी मांगने गया था। जहां पर दोनों तरफ से फायरिंग हो गई थी। जिसमें दिलशाद को गोली लगी थी। लेकिन वह बाद में ठीक हो गया था।
गैंगवार में तो नहीं हुआ खूनखराबा
इरशाद की हत्या और हिस्ट्रीशीटर दिलशाद को गोली मारने के पीछे गैंगवार का अंदेशा जताया जा रहा है। दिलशाद सलमान गैंग का शूटर है, इसकी जानकारी लोगों को है। लिसाड़ीगेट क्षेत्र के जामिया चौक पर छह माह पहले दिलशाद का एक महिला से विवाद हो गया था। जिसमें दोनों ओर से गोलियां चली थीं। इस गोलीबारी में दिलशाद और उसका साथी शाहरुख घायल हुआ था। जिसके चलते इरशाद और दिलशाद के बीच हुआ खूनखराबा गैंगवार माना जा रहा है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
भूरा का रोल नहीं
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह ने बताया कि पहले यह चर्चा थी कि इरशाद की हत्या की सूचना पर पहुंचे उसके भतीजे भूरा ने हिस्ट्रीशीटर दिलशाद को तमंचे से गोली मारी, जो जांच में गलत निकली। दिलशाद का मेडिकल अस्पताल में सीटी स्कैन और अन्य परीक्षण कराया गया, जिसमें दिलशाद के शरीर पर चोटों के निशान आए। भीड़ ने दिलशाद को पीटकर घायल किया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया गया है।