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श्रावण मास: पुष्प बाजार से गायब हुए विदेशी गुलाब, कोरोना महामारी ने किया व्यापार खत्म  

Thu, 09 Jul 2020 04:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- मंदिर, पूजन सामग्री की दुकानें बंद कौन खरीदेगा फूल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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भगवान शिव की पूजा का महीना श्रावण मास आरंभ होने के बाद भी पुष्प कारोबारियों के दिन नहीं बदल रहे हैं। बाजार से देसी-विदेशी गुलाब गायब हैं। मंदिर बंद हैं। पूजन सामग्री की दुकानें हफ्ते में तीन दिन खुलती हैं। मंडी में डिमांड न होने के कारण दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों से माल नहीं आ रहा है।
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शहर में चार से पांच व्यापारी ही मेरठ के किसानों से गेंदा और कनेर खरीदकर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में आम दिनों के मुकाबले दाम भी दोगुने हो गए हैं। घरों के लिए चुनिंदा लोग ही पुष्प खरीदकर ले जा रहे हैं।

भगवान को अर्पित करने के लिए मंदिर समितियों को प्रचुर मात्रा में पुष्प भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। भगवान शिव का श्रृंगार भी गुलाब के स्थान पर अब गेंदा और कनेर से किया जा रहा है। महंगाई बढ़ने के कारण पूर्व के मुकाबले गेंदे और कनेर के रेट भी दोगुने हो गए हैं। फूल माला के साथ बेलपत्र, भांग, धतूरा आदि की भी उपलब्धता नहीं है। ऐसे में व्यापारियों के पास आय का कोई साधन शेष नहीं रह गया है।
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इस सबके पीछे एकमात्र कारण भक्तों के लिए मंदिरों के द्वार नहीं खोले जाना है। मंदिर समितियों के बार-बार आग्रह के बावजूद जिला प्रशासन ने दर्शन के लिए मंदिर खोलने की अनुमति नहीं दी है। शहर के आउटर क्षेत्र के मंदिरों को भी पुलिस मौके पर जाकर बंद करा रही है।
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ऐसे में पुष्प बाजार स्थित दुकानों में ताले लग गए हैं। पुष्प विक्रेता देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना के दौरान दुकान बंद की थी जो अभी तक नहीं खोल पाए हैं। शादी में कोई काम नहीं मिला। अब श्रावण मास में मंदिर और अन्य धर्मस्थल बंद हैं। ऐसे में पुष्पों की डिमांड न के बराबर है।

आसपास के किसान कर रहे आपूर्ति 
घंटाघर के व्यापारी मंडी में फूलों की आपूर्ति न होने के कारण सीधा किसानों से माल खरीद रहे हें। कलवा फ्लावर एवं डेकोरेटर ने बताया कि नूर नगर क्षेत्र में इस समय गेंदे की खेती हो रही है। श्रावण के प्रथम सोमवार को अच्छी सेल की उम्मीद थी लेकिन मंदिर नहीं खुले। जिसके चलते फूलों की भी बिक्री नहीं हुई। पुष्प एवं डेकोरेटर हाजी फेज ने बताया कि फूलों की डिमांड नहीं है। कारोबार पूरी तरह ठंडा है। बाजार में ग्राहक नहीं हैं। दिल्ली से भी फूलों की सप्लाई नहीं आ रही है।

पुष्प के रेट:-
 फूल                            पूर्व के रेट          अब के रेट
गेंदे की गठरी               180 रुपये           400 रुपये
कनेर प्रति किलो            50 रुपये           120 रुपये
गुलाब देसी प्रति किलो    70 रुपये           150 रुपये
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