नई भू अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजे की मांग को लेकर शताब्दीनगर में 28 माह से धरनारत किसानों का सब्र शुक्रवार को जवाब दे गया। उन्होंने एमडीए कार्यालय पर हल्ला बोल दिया। गेट पर ही किसानों और एमडीए कर्मियों के बीच जमकर मारपीट में एक महिला किसान का हाथ टूट गया। किसानों ने एमडीए पर धरना शुरू करते हुए कड़ाही चढ़ा दी। वहां पहुंचे भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एलान कर दिया कि यदि किसानों की मांग पूरी नहीं हुई तो किसान जेसीबी लगाकर एमडीए कार्यालय को मैदान भी बना सकते हैं। काफी हंगामे के बाद लखनऊ में सचिव आवास के साथ बैठक के आश्वासन पर देर शाम धरना समाप्त हुआ।
शताब्दीनगर योजना से जुड़े पांच गांवों रिठानी, कुंडा, अच्छरौड़ा, नंगला शेरखां उर्फ जैनपुर और कंचनपुर घोपला के किसान 28 माह से भाकियू नेता विजयपाल घोपला के नेतृत्व में शताब्दीनगर में पानी की टंकी पर धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस योजना में 50 प्रतिशत जमीन पर अभी तक किसान काबिज हैं। ऐसे में उन्हें नई भू अधिग्रहण नीति के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। इस बाबत कई बैठक हुईं। लेकिन परिणाम नहीं निकला। किसानों ने शासन को प्रत्यावेदन भेजा था कि या तो उनकी जमीन वापस दें या उन्हें नई नीति से मुआवजा दें।
हीलाहवाली से नाराज इन पांच गांवों के किसानों के साथ खतौली, वलीदपुर, सुरानी, दौराला, जंगेठी, दबथुवा और मवाना के भाकियू कार्यकर्ता ट्रैक्टर ट्रालियों से शुक्रवार सुबह एमडीए कार्यालय पहुंच गए। मुख्य गेट पर ताला लगा था। प्रवेश करने को लेकर किसानों और एमडीए कर्मियों के बीच झड़प के बाद मारपीट हो गई। जिसमें महिला किसान जितेंद्री देवी जैनपुर का हाथ टूट गया। पुलिसकर्मी भी इस दौरान जूझते रहे। महिला किसान का आरोप है कि उसके हाथ पर पुलिसकर्मियों की लाठी लगी। किसान जबरन भीतर घुस गए और धरना शुरू कर दिया। वहीं, एमडीए कार्यालय के सामने मुख्य सड़क पर ट्रैक्टर ट्राली आड़ी तिरछी लगाकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और विजयपाल घोपला ने एलान कर दिया कि अब आर-पार की लड़ाई होगी।
मान मनौवल पर भी न माने
मामला बिगड़ने पर शुरू में एमडीए के अपर सचिव बैजनाथ, तहसीलदार करनवीर सिंह, एसई शबीह हैदर, एएसपी सिविल लाइन अंकित मित्तल, सीओ कोतवाली रणविजय सिंह आदि ने किसानों को समझाने की कोशिश की, पर किसान नहीं माने। किसान वीसी एमडीए और उच्च प्रशासनिक अफसरों को बुलाने की मांग पर अड़ गए। एडीएम सिटी मुकेश चंद्र फिर इन अफसरों के साथ किसानाें के बीच पहुंचे। लेकिन बात नहीं बनी।
वार्ता में यह बोले किसान
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने अधिकारियों से वार्ता में कहा कि एमडीए को यदि रास्ता नहीं सूझ रहा तो वह सारी जमीन का डेवलपमेंट करे और 25 प्रतिशत विकसित जमीन किसानों को दे। तब तक किसानों के बिजली के कनेक्शन बहाल किए जाएं, ताकि वे खेती कर सकें। यदि किसानों की मांग पूरी करने की बात है तो शासन स्तर पर बैठक रखी जाए ताकि वहां भेजे गए किसानों के प्रत्यावेदन पर फैसला लिया जाए। स्थानीय स्तर पर भी बैठक सुनिश्चित की जाए।
वीसी ने साथ किया भोजन
अपने कार्यालय से किसानों के बीच पहुंचे वीसी एमडीए योगेंद्र यादव ने सभी अफसरों के साथ धरनास्थल पर बैठकर किसानों के साथ भोजन किया। वीसी ने कहा कि एमडीए तो इस प्रकरण पर सकारात्मक कदम उठाने को तैयार है। लेकिन निर्णय शासन को लेना है। इस पर किसानों ने वहां बैठक तय कराने की मांग की तो वीसी ने सचिव आवास पंधारी यादव को फोन किया। तय हुआ कि शासन में बैठक होगी जिसमें पांच किसान और एमडीए अधिकारी भाग लेंगे। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। इस मौके पर विनोद जिटौली, बाबा ईलम सिंह, संजय दौरालिया, गजेंद्र दबथुवा, सुभाष घोपला, मदन, विकास, सुनीता, चमन, कृष्णा देवी, विमला, सरोज, सुंदरी, सविता समेत काफी किसान मौजूद रहे।
डीएम से भी मिले
बाद में राकेश टिकैत, एडीएम सिटी तथा पुलिस अधिकारियों ने डीएम बी. चंद्रकला से भी मुलाकात की। इस मसले के अलावा गन्ना किसानों की समस्या को उठाया। कहा कि बकाया भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस पर डीएम ने जल्द ही किसानों और मिल मालिकों की बैठक बुलाने के साथ इस प्रकरण पर भी वार्ता का आश्वासन दिया।