उन्होंने कहा कि कोर्ट ने भी माना है कि अयोध्या में राम लला विराजमान हैं। संतों की तरफ से अपील की गई है। हमारा पहला दायित्व है कि हम उस भूमि को लें। अयोध्या में पहले से ही श्रीराम मंदिर था, वहां हनुमान जी के चित्र, खंभे, श्रीराम चबूतरा, सीता रसोई, भगवान नारायण की मूर्ति थी। लेकिन वह सभी तोड़ दिए गए। वहां पर विवादित ढांचा कभी था ही नहीं।
पूजा अर्चना कराई गई
श्री राज राजेश्वरी मंदिर में शनिवार को मां भगवती की 64 योगिनी स्वरूप की श्रीधरानंद जी महाराज, पंडित राजेंद्र शास्त्री, सुंदरम दूबे, शशिकांत दूबे आदि ने पूजा अर्चना कराई।