जलालाबाद में पकड़े जा चुके म्यांमार के लोग
28 जुलाई 2019 को कस्बा जलालाबाद में अवैध रूप से रह रहे म्यांमार निवासी सोई कोको उर्फ नोमान अली, साइन कोको उर्फ मोहम्मद रिजवान, विन कोको उर्फ मोहम्मद फुरकान और मदरसे में पढ़ाने वाले रोहिंग्या अब्दुल मजीद को गिरफ्तार किया था। म्यांमार निवासी चारों युवकों की जानकारी पुलिस-प्रशासन को न देने के आरोप में तीन मदरसा संचालकों को भी गिरफ्तार किया था। म्यांमार निवासी चारों युवकों को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी, जिसमें 20 से अधिक म्यांमार के लोगों के शामली और आसपास के जनपद में छिपे होना बताया था। पुलिस ने म्यांमार निवासियों की तलाश में शामली, सहारनपुर समेत कई जिलों में तलाश की थी, लेकिन उनका पता नहीं चल सका था।
रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी भरी मिली थी चिट्ठी
करीब पांच माह पहले शामली रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर के नाम से डाक से चिट्ठी मिली थी। जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से भेजी गई चिट्ठी में शामली समेत वेस्ट यूपी और दिल्ली के रेलवे स्टेशनों के बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। साथ ही चिट्ठी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जान से मारने की धमकी दी गई थी। जांच में यह पत्र जालंधर से भेजने की बात सामने आई थी। इस मामले में जीआरपी में मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन आज तक चिट्ठी भेजने वाले का सुराग नहीं लग सका।
जिले में घुसपैठियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। खुफिया टीमें भी लगी हुई है। इसके साथ ही जिले में यूपी-हरियाणा सीमा के साथ चेकिंग की जा रही है। शहर और कस्बों में भी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
- अजय कुमार, एसपी।
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