व्हाट्सएप ग्रुपों में लोकेशन शेयर करने के मामले की जांच अब पुलिस और प्रशासनिक टीम करेगी। डीएम ने भी जांच के लिए टीम गठित की है। अमर उजाला ने 6 अक्तूबर अंक में पेज दो पर व्हाट्सएप ग्रुपों पर लोकेशन देने का खेल नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
शामली जिले में व्हाट्सएप ग्रुपों में यूपी और अन्य प्रदेशों के आरटीओ, खनन अधिकारी और अन्य की लोकेशन शेयर करने के मामले की जांच अब पुलिस और प्रशासनिक टीम करेगी। डीएम ने भी जांच के लिए टीम गठित की है। डीएम ने कहा कि जल्द ही पुलिस के सहयेाग से गिरोह पर शिकंजा कसा जाएगा।
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अमर उजाला ने 6 अक्तूबर अंक में पेज दो पर व्हाट्सएप ग्रुपों पर लोकेशन देने का खेल नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर के माध्यम से खुलासा किया था कि आरटीओ, खनन अधिकारी, पुलिस आदि की लोकेशन के लिए व्हाट्सएप पर अलग-अलग नाम से ग्रुप बनाए हुए हैं। जिनमें 1,500 रुपये लेकर चालकों और संचालकों को जोड़ा जाता है। इसके बाद ग्रुप पर शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ के अलावा हरियाणा, देहरादून और दिल्ली के अधिकारियों की लोकेशन शेयर की जाती है। खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारी भी हरकत में आ गए।
डीएम रविंद्र सिंह ने कहा कि टीम गठित की गई है। गिरोह का पुलिस के सहयोग से भंड़ाफोड कराया जाएगा। एसपी अभिषेक ने भी मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही। इस बारे में आरटीओ रोहित राजपूत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लोकेशन देने वालों का पता लगाने का काम हमारा नहीं है, पुलिस का है। जबकि गिरोह सबसे अधिक आरटीओ की लोकेशन देकर ही सरकार को करोड़ों के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं।