उत्तर प्रदेश के शामली में घर के कमरे में अंगीठी जलाने से पुलिस लाइन में तैनात सिपाही की पत्नी और बच्चों की हालत बिगड़ गई। अर्द्धबेहोशी की हालत में सिपाही सहित पांचों सदस्यों को सीएचसी में भर्ती कराया।
पुलिस लाइन शामली में तैनात सिपाही सोमवीर सिंह शहर के मोहल्ला दयानंद नगर में किराये के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। रात को ठंड से बचने के लिए उन्होंने अंगीठी जलाई और कमरे को बंद कर सो गए। रात के करीब साढ़े तीन बजे अचानक सोमवीर की आंख खुली और उसे उल्टी होने के साथ ही सिर चकराने, घुटन महसूस हुई। उसने पत्नी व तीनों बच्चों को देखा तो उनकी हालत भी खराब मिली।
सिपाही ने पड़ोसियों को जानकारी दी। पड़ोसियों की मदद से सिपाही सोमवीर (34), उसकी पत्नी ज्योति (30), बेटी (10), बड़ा बेटा नमनदीप (5), छोटा बेटा पवनदीप (4) को आनन फानन में सीएचसी शामली में भर्ती कराया गया। इमरजेंसी में डॉ. विजेंद्र कुमार ने पांचों सदस्यों को ऑक्सीजन और उपचार शुरू किया गया।
डॉ. विजेंद्र ने बताया कि उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार होने पर सुबह करीब छह बजे उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक हरमीत सिंह ने बताया कि सिपाही सोमवीर अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता है। रात को कमरे में अंगीठी जलाने से सिपाही व उसके परिवार की हालत बिगड़ गई थी। उपचार के बाद पूरा परिवार ठीक है।
कार्बन मोनो आक्साइड गैस से बिगड़ी हालत
सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि बंद कमरे में अंगीठी जलाने से सिपाही व उसके परिवार की हालत बिगड़ी थी। बंद कमरे में अंगीठी जलाने से ऑक्सीजन खत्म हो जाती है और कार्बन मोनो आक्साइड गैस से दम घुटने, सिर चकराने, बेहोशी आना, उल्टी होने लगती है। चिकित्सक के मुताबिक यह गैस खतरनाक होती है। यह गैस इतनी विषैली होती है कि सोते हुए व्यक्ति की साइलेंट मृत्यु तक हो सकती है।