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शब-ए-बरात: कब्रिस्तान में पढ़ा फातिहा, दुनिया से जा चुके लोगों के लिए मांगी मगफिरत की दुआ, जलसे हुए

Wed, 04 Feb 2026 12:09 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन सिद्दीकी ने कहा कि सभी लोग मोहम्मद साहब की सुन्नतों को जानें और उन पर अमल करें। नमाज पढ़ें और नेक इंसान बनें।
 
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शाहपीर गेट पर जलसा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शब-ए बरात पर मंगलवार को अकीदतमंदों ने इबादत करते हुए रात गुजारी। मस्जिदों, मदरसों और जलसों में अमन-चैन के लिए दुआ की गई। इसके साथ ही कब्रिस्तानों में फातिहा पढ़कर दुनिया से जा चुके लोगों के लिए मगफिरत की दुआ की गई। कब्रिस्तानों में रोशनी के खास इंतजाम किए गए और इबादतगाहों को झालरों से सजाया गया था।
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लालकुर्ती हंडिया मोहल्ले में जलसा। - फोटो : अमर उजाला
नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन सिद्दीकी ने लोगों से कुरान की तिलावत करने और हुजूर मोहम्मद साहब की सुन्नतों पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि शब-ए-बरात पर आतिशबाजी नहीं करनी चाहिए और न ही स्टंट करने चाहिए। इस रात गुनाहों की माफी मांगें। नमाज पढ़ें और नेक इंसान बनें।
 

गुदड़ी बाजार में जलसा। - फोटो : अमर उजाला
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि शब-ए-बरात कोई रतजगा या तफरीह की रात नहीं है, बल्कि इबादत की रात है। गुजरी बाजार, ढवाई नगर, ईदगाह चौराहा, लखीपुरा, शास्त्रीनगर, कमेला रोड, लिसाड़ी गेट और भूमिया के पुल के आसपास मस्जिदों, मदरसों में जलसों का आयोजन किया गया। 
 
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गुदड़ी बाजार जलसे में मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला
इनके अलावा बाले मियां, गुलजारे इब्राहिम, मनसबिया कब्रिस्तान आदि को रोशन किया गया। यहां लोगों की शाम से ही भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। देर रात तक बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और फातिहा पढ़ा।
 
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