थाना थाना क्षेत्र के गंगनहर आश्रम पटरी पर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान खिवाई निवासी सलीम उर्फ सुल्तान उर्फ शेखचिल्ली और लोनी गाजियाबाद निवासी दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाशों के पैर में पुलिस की गोली लगी है। पुलिस के मुताबिक सुल्तान और दिलशाद मुंडाली के मोती कारोबारी जहांगीर के घर हुई डकैती की वारदात में शामिल थे और उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस ने उनसे जेवरात व नकदी बरामद की है। उपचार दिलाने के बाद कोर्ट में पेश करके पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के अनुसार सोमवार को सरूरपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक कार को मेरठ-बड़ौत मार्ग पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार सवार बदमाश खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए भोला झाल की ओर भाग गए। सूचना मिलते ही थाना जानी पुलिस ने आश्रम गंगनहर पटरी पर बदमाशों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
इस दौरान उनकी कार आश्रम गंगनहर पटरी किनारे पेड़ से टकराकर पलट गई। इसके बाद बदमाश कार से निकलकर फायर करते हुए भागे। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर दो बदमाशों को पकड़ लिया। पैर में गोली लगने से दोनों घायल हुए। दोनों को जानी पीएससी में उपचार दिलाया।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे और कारतूस, लूटे गए तीन टॉप्स व बाला, 10,050 रुपये नकद, डकैती के पैसों से खरीदी गई सेकेंड हैंड कार बरामद की है। पूछताछ में बदमाशों ने कबूल किया कि 21 जनवरी 2026 को उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राम मुंडाली में मोती कारोबारी जहांगीर के घर डकैती डाली थी। पुलिस घेराबंदी के चलते वे दिल्ली भागने की कोशिश कर रहे थे। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में पांच बदमाशों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।