विलाप करते परिजन
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आरोप है कि गोपी की हत्या के बदले गांव में पहले आशीष गुर्जर और उसके चचेरे भाई मोनू गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद गांव में एक और हत्या करने का ऐलान किया हुआ था। गोपी की हत्या के बदले अब आरोपियों ने यह तीसरी हत्या की है। सुनील भी आशीष के परिवार का ही युवक है।
आशीष व सुनील के परिवार के लोग मामा-बुआ के हैं। सुनील की हत्या को लेकर गांव में फिर से जातीय तनाव की स्थिति बन गई। इसको देखते कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। वहीं, अनुसूचित जाति के लोगों के घरों पर भी पुलिस का पहरा लगा दिया है। देर रात सुनील के परिजनों ने पुरानी रंजिश बताकर तहरीर दी है। वहीं, गांव में चर्चा थी कि सुनील को शराब पीने की लत थी। जवाहर नगर की मद्रासन बस्ती में जहरीली शराब बिकती है। जहां पर सुनील को देखा गया था।