मेरठ में कश्मीर के हजारों परिवार
मेरठ में जम्मू-कश्मीर निवासी करीब एक हजार परिवार हैं। आबूलेन व्यापारी राजबीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों ने जम्मू कश्मीर छोड़ा था। कई परिवार आज भी जम्मू में शरणार्थी के तौर पर रह रहे हैं। 1947 के गदर के दौरान लाखों हिंदू परिवार जम्मू कश्मीर छोड़कर देश के विभिन्न हिस्सों में बस गए थे। सैकड़ों लोग पंजाब और दिल्ली के आसपास आकर रहने लगे थे।
...फिर ताजा हो गए थे घाव
शहर में 1984 से 1991 तक दंगे का माहौल रहा। नरेंद्र सिंह ने बताया कि दंगे के दौरान उनकी मां अमृत कौर कहती थीं कि क्या फिर गदर का सामना करना पड़ेगा। इस बीच पूरे परिवार के घाव दोबारा हरे हो गए थे। हालांकि माहौल धीरे धीरे शांत हो गया।
कश्मीरी ब्राह्मणों ने भी बनाया आशियाना
आदर्शनगर निवासी अतुल्य शर्मा ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ी पूर्व मेरठ आकर बस गया था। उनके पिता बीएन शर्मा और माता आशा शर्मा उन्हें गदर के समय की बातें बताते थे। मुख्य रूप से उनका परिवार जम्मू में रहता था। अतुल्य ने बताया कि इसके अलावा मेरठ में रैना परिवार भी वेस्टर्न कचहरी रोड पर चौबे कंपाउंड में रह रहा है।
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