फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूटर का इंजन, बाइक के पहिए, स्पीड कंट्रोल से बाहर, मेरठ में मौत बनकर दौड़ रहे जुगाड़ वाहन

Tue, 17 Mar 2020 05:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 6
traffic police, meerut traffic police - फोटो : अमर उजाला
मेरठ की शहर की सड़कों पर जुगाड़ वाहन मौत बनकर दौड़ रहे हैं। थाना पुलिस से लेकर ट्रैफिक पुलिस तक कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि चौराहों पर पुलिस दोपहिया वाहनों की चेकिंग करती है। लेकिन इन जुगाड़ वाहनों पर कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है। देखें तस्वीरें: -
विज्ञापन

2 of 6
traffic police, meerut traffic police - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को दिल्ली  रोड पर तेज रफ्तार जुगाड़ वाहन दौड़ते नजर आए। किसी में स्कूटर का इंजन था तो किसी में बाइक के पहिए। ऊपर से इन जुगाड़ वाहनों में लोहे की चादर, सरिया और एंगिल भरी हुई थीं। जिनकी स्पीड भी बेलगाम थी। ऐसे में यदि इन वाहनों के ब्रेक फेल हो जाएं तो बड़ा हादसा हो सकता है। 

 
विज्ञापन

3 of 6
traffic police, meerut traffic police - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली रोड पर जाम से मुक्ति पाने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए आईजी रेंज प्रवीण कुमार रविवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी के साथ जाम के कारणों को जाना। बेगमपुल से परतापुर तक करीब 11 किलोमीटर के एरिया में 11 प्रमुख समस्याएं सामने आईं।

एसपी ट्रैफिक ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस अतिक्रमण हटवाकर सिर्फ यातायात सुचारु करा सकती है। लेकिन चौराहों की भौगोलिक स्थिति में सुधार के लिए नगर निगम, एमडीए, पीडब्ल्यूडी को आगे आना पड़ेगा। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी का कहना है कि जुगाड़ वाहनों के खिलाफ समय-समय पर प्रभावी अभियान चलाया जाता है। अब फिर से अभियान चलाया जाएगा।

4 of 6
traffic police, meerut traffic police - फोटो : अमर उजाला
 जीरो माइल: वाहनों का अत्यधिक दबाव है। यूटर्न की आवश्यकता है। बेगमपुल से जाकर बाउंड्री रोड की तरफ मुड़ने वाला ट्रैफिक टैंक चौराहे की तरफ से आने वाले ट्रैफिक से टकराता है।
 बेगमपुल: फुटपाथ और डिवाइडर में पुन: सुधार की जरूरत है। फुट ओवरब्रिज और फ्लाईओवर भीभी प्रस्तावित है। पीएल शर्मा रोड से आबूलेन की तरफ ट्रैफिक मुख्य रोड को क्रॉस करता है, जिससे जाम की समस्या बनती है।
सोतीगंज: सड़क संकरी हो चुकी है। सफेद पट्टी तक अतिक्रमण है। वाहनों का दबाव अधिक रहने के कारण जाम की समस्या बनती है।
भैसाली अड्डा: जाम का प्रमुख कारण। जब तक शहर से बाहर नहीं जाएगा, जाम की समस्या रहेगी। पूर्व में बने प्लान यहां धड़ाम हो चुके हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
traffic jam - फोटो : अमर उजाला
जली कोठी चौराहा: गोल चक्कर में पुन: सुधार की जरूरत है। ट्रैफिक लाइट की जरूरत है। सामने से आने वाला ट्रैफिक दिखाई नहीं पड़ता। हादसे का डर बना रहता है। 
महताब तिराहा: यहां तीव्र घुमाव है, जिसके कारण ट्रैफिक सिग्नल व साइन बोर्ड या स्पीड ब्रेकर भी नहीं मिले। मुख्य रोड पर दोनों तरफ से अन्य वाहन भी आते हैं, जिससे जाम लगता है।
केसरगंज: अनाज मंडी होने के कारण जाम की समस्या रहती है। सड़क संकरी है। वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण एक मिनट में वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है।
रेलवे रोड चौराहा: वाहनों का दबाव अधिक है। रेड लाइट पर एक मिनट में दोनों तरफ एक किमी तक वाहनों की लाइन लग जाती है। चौराहे पर सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण जाम लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मोटर साइकिल से बनाया गया जुगाड़ वाहन - फोटो : अमर उजाला
फुटबॉल चौक: यहां कट बंद कराने से वाहन रांग साइड जाते हैं। पूर्व में कई बार गोल चक्कर में बस और अन्य वाहन टकराने के कारण बड़े हादसे हो चुके हैं। यहां चौराहे की भौगोलिक स्थिति में सुधार की जरूरत है।
दिल्ली चुंगी: शारदा रोड तिराहा की तरफ वाहन मुड़ने के कारण हादसों का डर रहता है। ट्रैफिक सिग्नल नहीं है।
टीपी नगर गेट: ट्रक और अन्य भारी वाहन टीपी नगर से आने-जाने के कारण जाम लगता है। टीपी नगर से नवीन मंडी के बीच रांग साइड वाहन चलने और टर्न लेने से हादसों का डर रहता है। धर्मकांटे के कारण जाम लगता है। 
रिठानी: सड़क किनारे ही दुकानें और ठेले लगते हैं। तिराहा होने के कारण जाम लगता है। अतिक्रमण हटाने का स्थानीय व्यापारी विरोध करते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें