इस एंजाइम की खास बात यह है कि जिन लोगों को दूध पीने के बाद पेट में ऐंठन, अफारा, डायरिया और गैस की प्रॉब्लम हो जाती है, उनके इलाज में भी उपयोगी साबित होगा। यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने 2018 में मंगल ग्रह पर नमकीन पानी की जिस झील का पता लगाया था, वह मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ के नीचे है और करीब 20 किमी चौड़ी है। लाल ग्रह के नाम से प्रसिद्ध मंगल पर पानी मिल जाने से वहां भविष्य में मानव के बसने की संभावना जताई जा रही है।
अच्छा काम कर रहा मंगलयान
डॉ. रामकरण शर्मा का कहना है कि यह तो अभी मालूम नहीं है कि मंगल ग्रह के वातावरण में जीवन उपस्थित है या नहीं, लेकिन नासा और अन्य देशों की एजेंसी इसका पता लगाने में जुटी हैं। भारत ने भी मंगलयान वहां भेजा था, जो अच्छा काम कर रहा है। उनके समूह का यह शोध वैज्ञानिकों को एक नया रास्ता दिखाने का काम करेगा।
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