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घोटाला : एक सड़क का निर्माण, दो विभागों ने किया भुगतान

Fri, 28 Jun 2019 03:53 AM IST
NAVEEN GUPTA न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : डेमाे
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जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) का एक नया घोटाला सामने आया है। कैंट विधायक के प्रस्ताव पर एक सड़क का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण सेवा ने विधायक निधि से कराया था। लेकिन डूडा ने इस सड़क को अपने द्वारा निर्मित दिखाकर अलग से ठेकेदार को भुगतान करा दिया।
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ये है मामला
लाला मोहम्मदपुर मलिन बस्ती में चिन्ह्ति है। इस बस्ती में नाले की पटरी किनारे से राज सिंह और सीवी सिंह के आवास के बीच चार संपर्क मार्ग हैं। एक संपर्क मार्ग हरिओम के मकान से चमन सिंह के मकान तक, दूसरा अमित के मकान से टीपू के मकान तक, तीसरा रविंद्र के मकान से दिलावर के मकान तक और चौथा वीरेंद्र के मकान से देवेंद्र के मकान तक है। चारों संपर्क मार्गों की लंबाई करीब 108 मीटर से लेकर 129 मीटर के बीच है। सभी का इंटरलॉकिंग निर्माण का प्रस्ताव कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल द्वारा दिया गया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने बजट पास कराकर चारों संपर्क मार्गों का करीब 29 लाख रुपये की लागत में निर्माण करा दिया।
दूसरी तरफ मलिन बस्ती होने के कारण गुपचुप तरीके से डूडा ने भी इस मार्ग निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया और बजट पास करा लिया। डूडा ने इस मार्ग का निर्माण मुख्यमंत्री मलिन बस्ती विकास योजना के तहत करना दर्शाया है। फर्जी तरीके से इस निर्माण को पूरा दिखाकर इसका तीन चार दिन पहले ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया। जबकि डूडा ने इस मार्ग का निर्माण किया ही नहीं है।
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निर्माण में भी गड़बड़ी
इस मार्ग निर्माण में आरईएस द्वारा भी मानकों की अनदेखी की गई। एक तरफ जहां टाइल्स मानक के अनुरूप नहीं है तो दूसरी तरफ टाइल्स के नीचे जीएसबी पत्थर भी नहीं डाला गया। डस्ट की जगह रेत का प्रयोग कर टाइल्स बिछा दी गई। अहम बात ये है कि कार्यदायी संस्था ने भी ठेकेदार को भुगतान कर दिया।
पहले भी खुले हैं ऐसे घोटाले
डूडा के इस तरह सड़क निर्माण के कई घोटाले पहले भी सामने आए हैं। जिसमें नगर निगम द्वारा निर्मित सड़कों को उन्होंने अपना दर्शा दिया। दूसरी तरफ शहर में विधायक निधि आदि की सड़कों पर भी खेल कर फर्जी तरीके से भुगतान प्राप्त कर लिया।
वर्जन......
यदि ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है। इसकी कल ही अपर जिलाधिकारी नगर से जांच कराऊंगा। जांच में गड़बड़ी पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी
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