अन्य शिवालयों में भी हाजिरी का जल चढ़ाया गया। शहर के लोग पूरे परिवार के साथ कांवड़ लाए। इनमें पांच साल से लेकर 12 साल तक के बच्चे भी शामिल रहे। जलाभिषेक के लिए नैंसी चौराहे तक बैरिकेडिंग की गई। मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि समिति द्वारा प्रशासनिक पंडाल, जूता चप्पल स्टैंड लगाए गए। 88 सेवादार और मंदिर समिति पदाधिकारी विभिन्न व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि शिवरात्रि पर 72 वर्ष के बाद केवल 12 घंटे के लिए भद्रावास योग बन रहा है, जो चतुर्दशी को बहुत ही पुण्यकारी बना रहा है।
सादे कपड़े में भी तैनात हैं पुलिसकर्मी
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि एटीएस कमांडो की एक यूनिट, तीन कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरएएफ की तैनात की गई हैं। दो एएसपी, आठ डीएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 112 सब इंस्पेक्टर, 550 कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। सेना की क्यूआरटी टीम भी निगरानी करेगी। सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। सदर थाने में रिजर्व पुलिस फोर्स भी रखा गया। दो फायर टैंकर मंदिर के भीतर और बाहर रहेंगे।
जलाभिषेक करने वालों और बाहर आने वालों के लिए अलग-अलग ड्यूटी ऑफिसर तैनात किए गए हैं। मंदिर से 500 मीटर पहले कोई भी वाहन नहीं आने दिया जाएगा। यहां पर मंदिर के तरफ हर दिशा से आने वाले रास्ते में बैरिकेडिंग रहेगी। रास्ते में 24 जगहों पर पिकेट लगाई गई है। जिले में महादेव शिव मंदिर दबथुवा, महादेव मंदिर लोइया दौराला, महादेव मंदिर गगोल परतापुर, महादेव मंदिर भोला झाल और नंगली गांव स्थित शिव मंदिर में भी पुलिस ड्यूटी लगाई गई है।