संतोष कुमार पुत्र सीताराम एमईएस से रिटायर्ड थे। वह मूलरूप से बरेली के रहने वाले थे। इन दिनों वह गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अपनी बेटी शिवांगी और दामाद अंकित के साथ रह रहे थे।
शिवांगी ने बताया कि 21 अप्रैल 11.36 बजे उन्होंने अपने पिता को मेरठ मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कराया था। इसके बाद वह अपने पिता का फोन से हालचाल लेती रहीं। 2 मई को उन्हें बताया गया कि उनके पिता अब आईसीयू में हैं और उनका आक्सीजन लेवल 77 है।
3 मई की सुबह मेडिकल कॉलेज कोविड सेंटर फोन करने पर उन्हें बताया गया कि उनके पिता अभी भी आईसीयू में हैं। आक्सीजन लेवल 92 है। इसके बाद उसी दिन शाम को मरीज का अपडेट पूछने पर कोई सही जानकारी नहीं मिल पाई। शुक्रवार को उन्होंने मेडिकल कॉलेज में अपनी पिता की काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले।
दामाद अंकित ने बताया कि मेडिकल थाने के एसएचओ प्रमोद गौतम का फोन हमारे पास आया था। उन्होंने बताया कि 23 तारीख को संतोष कुमार की मौत हो गई थी। हालांकि अंतिम संस्कार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
प्रिंसिपल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि संतोष कुमार की 23 अप्रैल को ही मौत हो गई थी। उस समय संतोष नाम के तीन मरीज भर्ती थे। गलती से दूसरे संतोष नाम के मरीज के बारे में जानकारी दे दी गई।