कानपुर में हाल में ही पकड़े आतंकी ने मेरठ को भी निशाने पर होने की बात कही थी। भाजपा विधायक संगीत सोम के आवास पर हमले के पीछे कहीं दहशत फैलाने की साजिश तो नहीं। इसको लेकर भी पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। वहीं, पुलिस का दूसरा बिंदू यह है कि कही दहशत फैलाने के लिए हमला तो नहीं है। कई सवाल पुलिस के जेहन में हैं।
सुरक्षा एजेंसी हुईं अलर्ट
कैंट में विधायक के आवास पर बम फेंकने की सूचना पर एलआईयू की टीम जांच करने पहुंची। जांच कर एलआईयू ने शासन को रिपोर्ट भेजी। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई। हवाला दिया गया कि इससे पहले भी विधायक पर जानलेवा हमला हो चुका है।
गोली असली, ग्रेनेड निष्क्रिय
विधायक के आवास जो गोलियां चलीं वे सभी असली थीं लेकिन ग्रेनेड निष्क्रिय निकला। पुलिस अधिकारी पहले ग्रेनेड के फटने के डर से पास जाने से बचते रहे। लेकिन जब ग्रेनेड के निष्क्रिय होने का पता चला तो जांच के लिए आगे बढ़े। ग्रेनेड को पानी से भरी बाल्टी में डालकर रखा गया।
विधायक के आवास पर मुख्य गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ में सामने आया कि गेट के बराबर में बने गार्ड रूम में तैनात गार्ड को जैसे ही भनक लगी उसने उठकर देखा। इसी बीच एक गोली गार्ड रूम के शीशे से निकल गई। गार्ड ने अपनी रायफल तानी तब तक हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया। गोलियों की आवाज सुनकर विधायक और उनके परिवार में हड़कंप मच गया। कई गोलियों दीवारों में और गमलों में लगीं तो वहीं एक गोली गार्ड के शीशे को पार कर गई। गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों व गार्ड ने दौड़कर जान बचाई।
मेरठ के छावनी क्षेत्र में आने वाले लालकुर्ती क्षेत्र में आरए लाइन बंगला नंबर सात में संगीत सोम रात को सो रहे थे। इसी बीच सुरक्षा चक्र तोड़ते हुए बदमाश एक स्विफ्ट कार में सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूछताछ में गार्ड और पुलिसकर्मी ने बताया कि गाड़ी में सवार बदमाशों ने काले कपड़े पहने थे साथ ही अपने मुहं पर काले कपड़े बांधे हुए थे।