उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा अयोध्या मामले पर बनाई जा रही फिल्म रामजन्मभूमि देवबंद के उलमा को मंजूर नहीं है। उलमा का दो टूक कहना है कि बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फिल्म बनाकर रिजवी हिंदू-मुस्लिमों को निशाना बनाकर मुल्क का माहौल खराब करना चाहते हैं।
मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड़ ने वसीम रिजवी की फिल्म रामजन्मभूमि पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जो चीज सामाजिक भावनाओं को भड़का कर समाज में विवाद पैदा करती हो सेंसर बोर्ड से ऐसी किसी भी फिल्म को मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए। अयोध्या में बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि का मुद्दा बेहद पेचीदा है। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर फिल्म बनाना हिंदू-मुस्लिमों को निशाना बनाकर मुल्क के माहौल को खराब करने की कोशिश है। ऐसे लोगों की वजह से देश में फिरकापरस्ती, फितना और फसाद फैलता है। क्या ऐसे लोग दहशतगर्दी को बढ़ावा नहीं देते।