वहीं इसकी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक दीपक चतुर्वेदी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी अपनी बात से पीछे हटने को राजी नहीं हुआ। त्यागी पक्ष के लोग जहां रास्ता बनाने पर अड़े थे वहीं अनुसूचित जाति के लोग चबूतरे पर पूजा अर्चना में लग गए। बढ़ते तनाव के मद्देनजर मौके पर फतेहपुर, नागल, जनकपुरी और बेहट थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी भी बुला ली गई।
इसके बाद पुलिस ने विवादित जमीन पर बन रहे रास्ते को जेसीबी की मदद से ध्वस्त करा दिया और उसके बाद अनुसूचित जाति के लोगों से बातचीत करके आंबेडकर चित्र और चबूतरा हटवा दिया। हालांकि आंबेडकर का चित्र हटाने का अनुसूचित जाति की महिलाओं ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझा बुझा कर शांत कर दिया।
सरकारी जमीन पर नहीं होने देंगे कब्जा
मौके पर पहुंची तहसीलदार सदर प्रीति सिंह ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाते हुए बताया कि यह भूमि सामान्य आबादी में दर्ज है। इस पर किसी का कोई कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। जिस किसी को कोई समस्या हो वो तहसील दिवस में आ कर अपना पक्ष रख सकता है लेकिन यदि किसी ने भी इस पर कब्जे का प्रयास किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झगड़ा फसाद किया जो भेजा जाएगा जेल
थानाध्यक्ष दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि तनाव के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। यदि किसी ने झगड़ा फसाद करने का प्रयास किया तो जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वे मौके पर ही हैं उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उनके निर्देश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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