यूक्रेन से मेरठ पहुंचे आधार रस्तौगी।
- फोटो : amar ujala
मेरठ में सिविल लाइन के बाउंड्री रोड टेलीफोन एक्सचेंज वाली गली निवासी आधार रस्तौगी मेरठ अपने आवास पर पहुंच गए है। यूक्रेन से भारत आने वाली अंतिम फ्लाइट से आधार अपने देश पहुंचे, लेकिन उन्हें दुख है कि भरतीय छात्र बड़ी संख्या में वहां फंसे हुए हैं। आधार के घर पहुंचने के बाद आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदारों का तांता लग गया।
आधार रस्तौगी के पिता विवेक रस्तौगी सीडीए कार्यालय में ऑडिटर हैं, माता दीपा रस्तौगी सहायक अध्यापिका हैं। बड़ी बहन तांशी एमएससी कर रहीं हैं। उनका बेटा इवानो फ्रांकविस्क ओबलास्टा यूनिवर्सिटी में पहले वर्ष का छात्र है। यूक्रेन सरकार के अलर्ट के बाद परिजन चिंतित थे, जिसके बाद उन्होंने टिकट बुक कराई।
यह भी पढ़ें: यूक्रेन में अटकीं सांसें: दो किलोमीटर दूर हुए धमाके, बंकर में छिपकर बचाई जान, बेबस छात्रों की कहानियां सुन सहम जाएंगे आप
मेरठ लौटे आधार ने कहा हमारी केंद्र सरकार को सभी भारतीय छात्रों को देश में लौटाने की व्यवस्था करानी चाहिए। बताया मैं तो समय से लौट आया, लेकिन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले मेरठ सहित भारत के पांच हजार छात्रों को बचाना चुनौती है। परिवार के सदस्यों ने आधार के घर पहुंचने पर राहत की सांस जरूर ली, लेकिन पिता बोले सभी भारतीय छात्र हमारे बच्चों की तरह हैं। सरकार को उनकी सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए।
यह भी पढ़ें: यूक्रेन : मां धमाकों से लग रहा डर, घर लौटना चाहती हूं, बेटी की दास्तां सुन भावुक हुए परिजन, कर रहे सलामती की दुआ
माइनस 21 डिग्री में पढ़ाई हो रही
आधार रस्तोगी ने बताया यूक्रेन में माइनस 21 डिग्री तापमान है, लेकिन यूनिवर्सिटी व हॉस्टल में रूम हीटर लगे हुए हैं। हालांकि दो दिन से ही ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई है। तो मेरठ आकर ऑनलाइन पढ़ाई जारी है। जिससे पढ़ाई ज्यादा प्रभावित नहीं होगी।