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अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ रुपल की रफ्तार ने किया कमाल, 400 मीटर दौड़ मेंं जीता

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- 4 गुणा 400 मिक्स रिले में भारतीय टीम ने जीता स्वर्ण पदक, रूपल रहीं टीम का हिस्सा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। 26वें एशियाई खेलों का दूसरा दिन मेरठ की बेटी एथलीट रूपल चौधरी के नाम रहा। उन्होंने अपनी रफ्तार से कमाल कर दिया। उन्होंने पहले 400 मीटर के फाइनल में 52.68 सेकेंड का समय लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया और देश के लिए रजत पदक जीता। इसके साथ वह 4 गुणा 400 मीटर मिक्स रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रही। उन्होंने टीम इवेंट में स्वर्ण और 400 मीटर दौड़ में रजत कुल दो पदक प्राप्त किए। उनके इस प्रदर्शन से उनके गांव शाहपुर जैनपुर में भी जश्न मनाया गया। बेटी की कामयाबी पर पिता ओमवीर ने मिठाई बांटी।
रूपल ने बुधवार को पहले 400 मीटर दौड़ के फाइनल में हिस्सा लिया। वह दूसरे स्थान पर रहीं। पहले स्थान पर जापान की एथलीट ने 52.17 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। उन्होंने शाम 4:10 बजे टीम इवेंट में 4 गुणा 400 मिक्स रिले में संतोष, विशाल, सुधा के साथ भाग लिया। इसमें भारतीय टीम 3.18:12 मिनट का समय लेकर पहले स्थान पर रही। दूसरा स्थान कजाकिस्तान और तीसरा स्थान कोरिया ने प्राप्त किया। भारतीय टीम के स्वर्ण पदक जीतने और रूपल के टीम का हिस्सा होने पर यहां मेरठ में भी खुशी का माहौल रहा। रूपल द्वारा एक ही दिन में लगातार दो पदक जीतने पर सभी ने खुशी जताई। आज बृहस्पतिवार को रूपल 4 गुणा 400 मीटर रिले महिला वर्ग में शाम 3:45 पर फाइनल में प्रतिभाग करेंगी। इसमें भी सभी की नजर होगी। रूपल के पास टीम इवेंट में दूसरा पदक प्राप्त करने का मौका होगा।
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रूपल की मां ने कहा, बेटी को नजरों से दूर रखना नहीं था आसान
रूपल के पदक जीतते ही उनके गांव शाहपुर में जश्न का माहौल रहा। उनके पिता ओमवीर व अन्य परिजन एक साथ एकत्र हुए और खुशी मनाई। रूपल की मां ममता ने कहा कि उनके दो बच्चे हैं जिसमें उनका बेटा परमजीत पुलिस में है और घर से बाहर रहता है। बेटी रूपल ने भी खेलों में अपना नाम बनाने की सोची, लेकिन गांव का माहौल देखते हुए बेटी को सालों तक नजरों से दूर रखना आसान नहीं था। रूपल शुरू से ही खेलों में जाना चाहती थी, इसके लिए उसे खेलों में जाने दिया। आज बेटी ने देश का नाम रोशन करके पूरे गांव का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने अपनी बेटी पर गर्व जताया। उनके पिता ओमवीर एक किसान है। उन्होंने भी बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी पर आज पदक मिलने पर उनका सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया। अब बेटी ज्यादातर खेल की तैयारी को लेकर विदेश या कैंप में रहती है।
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उपलब्धियां
इंडियन ओपन 2025
400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक
राष्ट्रीय फेडरेशन कप 2025 में स्वर्ण पदक
- 2022 में विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4x400 मीटर रिले में रजत पदक और 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था
- विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय
- राष्ट्रीय अंडर-20 फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक
- जापान में एशियाई रिले चैंपियनशिप में रजत पदक
- 28 फेडरेशन कप 2025 में स्वर्ण पदक

आज पदक के लिए 3000 मीटर स्टीपल चेज में दौड़ेंगी पारुल
प्रतियोगिता में आज तीसरे दिन बृहस्पतिवार को मेरठ के इकलौता गांव की रहने वाली पारुल चौधरी 3000 मीटर स्टीपल चेज में प्रतिभाग करेंगी। वह सीधे फाइनल में पदक के लिए दौड़ेंगे। उनसे भी सभी को इस स्पर्धा में पदक की उम्मीद है। वह आज दोपहर 2:20 पर प्रतियोगिता में भाग लेंगी। 31 मई को दोपहर 2:40 पर वह 5000 मीटर दौड़ में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी और पदक के लिए दौड़ेंगी।
ये हैं पारुल की उपलिब्धयां
स्वर्ण पदक – प्रथम स्थान 2023 एशियन गेम्स 5000 मी.
रजत पदक – दूसरा स्थान 2023 एशियन गेम्स 3000 मीटर स्टीपलचेज
स्वर्ण पदक- एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 बैंकाॅक
कांस्य पदक- एशियन चैंपियनशिप 2018 बैंकाॅक
अर्जुन अवाॅर्ड- 2023
रानी लक्ष्मीबाई अवाॅर्ड-2023
2024 ओलंपिक खेलों में प्रतिभाग
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