मेरठ कॉलेज के केमिस्ट्री विभाग में हुई वित्तीय अनियमितताओं और परीक्षा में ड्यूटी नहीं करने पर निलंबित किए गए शिक्षक डॉ. राजीव राठौर प्रकरण की जांच रिटायर्ड जज अरुण कुमार श्रीवास्तव ने शुरू कर दी है। मेरठ कॉलेज में पहली बार इस तरह के प्रकरण की जांच किसी रिटायर्ड न्यायाधीश से कराई जा रही है।
केमिस्ट्री विभाग के शिक्षक डॉ. राजीव राठौर को विभाग में वित्तीय अनियमितताओं करने और परीक्षा में ड्यूटी नहीं करने के आरोपों के चलते मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति ने निलंबित कर दिया था।
इस मामले में प्रबंध समिति के अध्यक्ष-सचिव डॉ. रामकुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया था कि मामले की जांच रिटायर जज से कराई जाएगी ताकि सारा सच सामने आ सके। शिक्षकों का कहना था कि रिटायर जज जांच करेंगे तो किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं रहेगी। ऐसे में अगर शिक्षक पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो बड़ी मुश्किल हो सकती है।
अगर वित्तीय अनियमितता पाई गई तो शिक्षण संस्थानों में पनप रहे भ्रष्टाचार के बड़े मामले सामने आएंगे। डॉ. राजीव राठौर पर लगाए गए आरोपों की जांच रिटायर न्यायाधीश सेशन जज अरुण कुमार श्रीवास्तव ने शुरू कर दी है। एक महीने के भीतर चार्जशीट दी जाएगी।
प्रबंध समिति चुनाव पर 13 को बैठक
मेरठ कॉलेज में प्रबंध समिति के चुनाव का लेकर 13 दिसंबर को बैठक बुलाई गई है। मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति का चुनाव शहर के दिग्गजों के लिए बड़ी प्रतिष्ठा का सवाल है। प्रबंध समिति के चुनाव में 15 सौ के करीब सदस्यों को मतदान करना है। कोरोना महामारी के कारण प्रबंध समिति चुनाव की तिथि घोषित नहीं कर रही थी। 13 को बैठक में चुनाव की तिथि पर मुहर लग सकती है।