हस्तिनापुर। जंबूद्वीप स्थित कमल मंदिर जिनालय में रविवार को भगवान महावीर के समक्ष कालसर्पयोग निवारण मनोकामना सिद्धि विधान का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य सौधर्म इंद्र अक्षय जैन दिल्ली द्वारा मांडले पर 108 अर्घ्य समर्पित किए गए। भगवान महावीर के मस्तक पर जल, दूध, दही, घी, सर्वोषधि, सुगंधित जल, पुष्पवृष्टि, मंगल आरती कर विश्व में कोरोना महामारी से शीघ्र शांति की भावना से महाशांतिधारा की गई।
जंबूद्वीप में आयोजित विधान में संस्थान के मंत्री विजय जैन ने बताया कि पूज्य गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने कोरोना महामारी से सारा विश्व शीघ्र मुक्ति के लिए मंत्र दिया। उसके उच्चारण से जल को अभिमंत्रित कर अपने-अपने घरों में छिड़के एवं पिएं। जिसके द्वारा शीघ्र ही सारा देश महामारी से मुक्त होगा। पूज्य माताजी ने प्रवचन में कहा कि वर्तमान में भगवान की भक्ति ही सभी कष्टों का निवारण कर सकती है। इससे बढ़कर कोई भी औषधि एवं अस्त्र-शस्त्र नहीं हैं। इसी क्रम में प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता ने विधान के मंत्रों का उच्चारण करते हुए 108 मंत्रों से समन्वित विधान को संपन्न कराया। इस अवसर पर कैलाश चंद जैनलखनऊ ने भी मांडले पर अर्घ्य समर्पित किए। इस श्रृंखला में सायं भगवंतों की महाआरती दीप जलाकर संपन्न की गई।