संविदा कर्मचारियों के मानदेय में कटौती
बिजनौर। बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में तैनात संविदा कर्मचारियों के मानदेय में शासन ने कटौती कर दी है। कई कर्मचारियों के मानदेय में 10 से 15 हजार रुपये तक की कटौती की गई है। कर्मचारियों ने राज्य परियोजना निदेशक से पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में पिछले 15 वर्षों से संविदा पर जिला समन्वयक निर्माण, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा, ईएमआईएस इंचार्ज कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार, सहायक लेखाकार सहित करीब एक दर्जन पदों पर संविदा कर्मचारी तैनात है, जिन्हें मानदेय के रूप में प्रति महीने 25 हजार से लेकर 42 हजार तक की धनराशि मिलती थी। कनिष्ठ लिपिक बुद्धि प्रकाश मीणा को 25 हजार रुपये महीना मानदेय मिलता था जो शासन ने अब घटाकर 11 हजार रुपये कर दिया है। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा लियाकत अली को मानदेय के रूप में 26 हजार रुपये महीना मिलते थे। इसमें कटौती कर मानदेय 16 हजार रुपये कर दिया गया है। लेखाकार रईस अहमद को 42 हजार रुपये मानदेय में मिल रहे थे। इसमें कटौती कर अब 18600 रुपये मिलेंगे। ऐसे ही जिला समन्वयक निर्माण सलीम अख्तर बेग को करीब 30 हजार रुपये मानदेय के रूप में मिलते थे। इन्हें अब करीब 18 हजार रुपये मानदेय के रूप में मिलेंगे। इसके अलावा संविदा कर्मचारी मनोज कुमार सहित तमाम संविदा कर्मचारियों के मानदेय में कटौती करने के निर्देश राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने दिए हैं।
राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश आने से संविदा कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई के बावजूद मानदेय में कटौती करना गलत हो। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारी राज्य परियोजना निदेशक के मानदेय में कटौती के आदेश पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार का कहना है कि महंगाई के बढ़ते दौर में मानदेय में कटौती करना गलत है। शासन को इस पर विचार करना चाहिए ।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह व संयुक्त मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी करने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षामित्र व अनुदेश को के मानदेय में भी बढ़ोतरी करने की वकालत की है।