90 प्रतिशत कार्ड धारकों को आधार से जोड़ने का दावा
जिले में करीब पांच लाख कार्ड धारक हैं। जिनमें से 90 प्रतिशत कार्ड धारकों को आधार से जोड़ने का दावा किया जा रहा है। पूर्व में फर्जी आधार लिंक के जरिए ही प्रदेश भर में राशन घोटाला किया गया था। जिसको लेकर अब शासन ने राशन कार्ड और आधार को लिंक करने के बाद सॉफ्टवेयर का सहारा लिया है। ताकि फर्जीवाड़े की गुंजाइश ही न रहे।
प्रॉक्सी से भी होता है राशन वितरण
आपूर्ति विभाग ने मशीनों के अलावा आधार कार्ड की फोटो कॉफी के माध्यम से मैनुअल व्यवस्था के साथ राशन वितरण की व्यवस्था को प्रॉक्सी का नाम दिया है। प्रॉक्सी से राशन वितरण उस व्यवस्था में दिया जा सकता है जब मशीन काम न करे अथवा किसी का फिंगर प्रिंट मशीन स्वीकार न करे। तो ऐसे परिवारों को प्रॉक्सी के माध्यम से राशन वितरण किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल माह के अंत में ही किया जा सकता है।
नहीं होगी नेटवर्क की दिक्कत
जिलापूर्ति अधिकारी विकास गौतम का कहना है कि शुरुआत में देहात के कुछ गांवों में दिक्कत थी। डीलरों ने शिकायतें भी की थी। लेकिन अब काफी सुधार हुआ है। जो डीलर नेटवर्क की शिकायत करते हैं उनके यहां इंजीनियर भेजकर मशीनों की जांच कराई जाती है। अगर माह के अंत तक भी नेटवर्क की दिक्कत रहती है तो कार्ड धारक से आधार कार्ड आईडी लेकर उसको राशन दिया जाता है। मशीनों से राशन वितरण व्यवस्था इसी माह से सदर तहसील और मवाना तहसील के गांवों में भी पहुंच जाएगी। इन दोनों तहसीलों में दूसरी कंपनी की मशीनें भेजी जा रही हैं। जिनमें नेटवर्क की दिक्कत नहीं होगी।
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