तीन मुख वाली इस मूर्ति में भगवान ब्रह्मा कमल के फूल पर विराजमान हैं। वहीं मूर्ति एक खास तरह के पत्थर से बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीण इसे महाभारत काल की मूर्ति बता रहे हैं।
सूचना मिलने पर पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जानकारी ली। अधिकारियों ने मूर्ति को अपने कब्जे में लेकर आगरा स्थित पुरातत्व विभाग की लैब में जांच के लिए भिजवाया है।
अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद ही यह पता लगाया जा सकेगा कि यह मूर्ति महाभारत काल की है या नहीं। साथ ही यह किस पत्थर से निर्मित है इसकी भी जांच की जाएगी।