फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवहन: सामान की ढुलाई भी करेगी रैपिड रेल, दिल्ली स्थित जंगपुरा में बनेगा वेयरहाउस और स्टेशन

Thu, 02 Sep 2021 03:59 PM IST
Dimple Sirohi दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ

सार

राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से आने वाले सामान को कंपनियां रैपिड रेल के माध्यम से इधर-उधर भेज सकेंगी। इसके लिए एनसीआरटीसी अपने कॉरिडोर पर डिपो भी बना रहा है।
विज्ञापन
रैपिड रेल ट्रैक निर्माण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली-एनसीआर में यात्री आवागमन के साथ-साथ सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने कवायद शुरू कर दी है। दिल्ली स्थित सरायकाले खां से थोड़ी दूरी पर जंगपुरा में रैपिड रेल स्टेशन, वेयरहाउस और यार्ड बनाने को कंसल्टेंसी चयन के लिए टेंडर निकाल दिया है। 

विज्ञापन


इसके लिए प्री-बिड बैठक 14 सितंबर को होगी। यार्ड के बनने के बाद दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर, दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर, दिल्ली-एसएनबी कॉरिडोर से आने वाले सामान को जंगपुरा में वेयरहाउस में रखा जा सकेगा। इसके लिए कंसल्टेंसी ही योजना का डिजाइन बनाकर एनसीआरटीसी को सौंपेगी।

यह भी पढ़ें: मेरठ : एक किमी टेस्टिंग ट्रैक पर चलकर रूट पर दौड़ेगी रैपिड रेल, दुहाई डिपो में किया जा रहा है तैयार

विज्ञापन
विज्ञापन

आपस में जुड़ेंगे कई राज्य
पिछले एक वर्ष से रैपिड रेल का उपयोग सामान की ढुलाई के लिए करने की योजना बनाई जा रही थी। इसके लिए अमेजन, फ्लिपकार्ट सहित अन्य बड़ी कार्गों कंपनी से वार्ता की गई, जिससे रात के समय रैपिड रेल की माल ढुलाई ट्रेन को चलाकर सामान को कम समय में दिल्ली से मेरठ, पानीपत, एसएनबी तक पहुंचाया जा सकेगा। 

इससे हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य आपस में जुड़ जाएंगे। रात के समय चलने वाले ट्रक से काफी संख्या में सामान इन कई राज्यों में जाता है। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद सामान वेयरहाउस में रखने के बाद राज्यों के जिलों में पहुंचाया जा सकेगा। इससे सड़क परिवहन से भी राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें: रैपिड रेल : तीन तल का होगा बेगमपुल भूमिगत स्टेशन, 65 फीट नीचे होगा प्लेटफॉर्म

42 महीने का रखा लक्ष्य
टेंडर प्रक्रिया फाइनल होने के बाद 42 महीने में जंगपुरा में यार्ड, वेयरहाउस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 14 सितंबर को प्री-बिड होने के बाद चार अक्तूबर से 11 अक्तूबर तक कंपनियां बोली लगा सकेंगी। 12 अक्तूबर को तकनीकी बोली खोली जाएगी। इसमें कंपनी को मल्टी स्टोरी कार्यालय बिल्डिंग बनानी होंगी। इसमें स्टेबलिंग यार्ड, वेयरहाउस, रैपिड रेल स्टेशन बनाना होगा।

ये मिलेगा फायदा
राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से आने वाले सामान को कंपनियां रैपिड रेल के माध्यम से इधर-उधर भेज सकेंगी। इसके लिए एनसीआरटीसी अपने कॉरिडोर पर डिपो भी बना रहा है। जिसमें दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर दुहाई और सिवाया में डिपो, दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर पर पानीपत और मुर्थल में डिपो, दिल्ली-एसएनबी कॉरिडोर में धारुहेड़ा में डिपो बनाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें