आपस में जुड़ेंगे कई राज्य
पिछले एक वर्ष से रैपिड रेल का उपयोग सामान की ढुलाई के लिए करने की योजना बनाई जा रही थी। इसके लिए अमेजन, फ्लिपकार्ट सहित अन्य बड़ी कार्गों कंपनी से वार्ता की गई, जिससे रात के समय रैपिड रेल की माल ढुलाई ट्रेन को चलाकर सामान को कम समय में दिल्ली से मेरठ, पानीपत, एसएनबी तक पहुंचाया जा सकेगा।
इससे हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य आपस में जुड़ जाएंगे। रात के समय चलने वाले ट्रक से काफी संख्या में सामान इन कई राज्यों में जाता है। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद सामान वेयरहाउस में रखने के बाद राज्यों के जिलों में पहुंचाया जा सकेगा। इससे सड़क परिवहन से भी राहत मिलेगी।
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42 महीने का रखा लक्ष्य
टेंडर प्रक्रिया फाइनल होने के बाद 42 महीने में जंगपुरा में यार्ड, वेयरहाउस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 14 सितंबर को प्री-बिड होने के बाद चार अक्तूबर से 11 अक्तूबर तक कंपनियां बोली लगा सकेंगी। 12 अक्तूबर को तकनीकी बोली खोली जाएगी। इसमें कंपनी को मल्टी स्टोरी कार्यालय बिल्डिंग बनानी होंगी। इसमें स्टेबलिंग यार्ड, वेयरहाउस, रैपिड रेल स्टेशन बनाना होगा।
ये मिलेगा फायदा
राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से आने वाले सामान को कंपनियां रैपिड रेल के माध्यम से इधर-उधर भेज सकेंगी। इसके लिए एनसीआरटीसी अपने कॉरिडोर पर डिपो भी बना रहा है। जिसमें दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर दुहाई और सिवाया में डिपो, दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर पर पानीपत और मुर्थल में डिपो, दिल्ली-एसएनबी कॉरिडोर में धारुहेड़ा में डिपो बनाया जाएगा।