टीम का विस्तार किया
जैसे-जैसे रैपिड रेल के काम की रफ्तार बढ़ रही है, एनसीआरटीसी टीमों का पुनर्गठन कर रहा है। एनसीआरटीसी ने कुछ दिन पहलेे एनसीआरटीसी एक्सप्रेस ट्रांजिट लिमिटेड का गठन किया था। इसमें एक चेयरमैन के साथ पांच डायरेक्टर थे। अब टीम का विस्तार करते हुए सीईओ के साथ 15 और की टीम बनाई गई है। इसमें मेेंटीनेंस, सिग्नलिंग, व्यावसायिक, आधारभूत ढांचा, ऑपरेशन और सूचना आदि विभागों के अधिकारियों की तैनाती की गई है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: सैदपुर में रखा गया 135 टन का गर्डर
मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए 225 किलोमीटर के ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में खुर्जा से पिलखनी के बीच गुरुवार को 135 टन का सबसे भारी गर्डर रखा गया। इसकी लंबाई 34 मीटर, ऊंचाई 2.3 मीटर है। गर्डर को मोहिउद्दीनपुर के पास स्थित सैदपुर गांव में नहर पर रखा गया। डीएफसी के अधिकारियों के मुताबिक इस चरण का ये सबसे भारी गर्डर था। इसके लिए 350 और 400 टन की दो हाइड्रोलिक क्रेन का उपयोग किया गया।
इस चरण को जून, 2022 तक पूरा करना है। पिछले दिनों किसानों से जमीन पर बात न बन पाने से कई स्थानों पर कार्य रुक गया था। हालांकि कोरोना काल में भी डीएफसी का कार्य जारी रहा। अभी तक सबसे भारी गर्डर 100 टन के आसपास रहा था। एक महीने में 36 गर्डर रखे जा चुके हैं। वहीं, दिल्ली रोड को क्रॉस करने के लिए भी गर्डर रखा जाना है। गर्डर रखते वक्त दिल्ली-मेरठ रोड बंद करने के बजाय एक छोटा सा हिस्सा तैयार कर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।
गर्डर रखे जाने के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर घनश्याम तिवारी, साइट इंचार्ज सुनीत कुमार शर्मा, प्रीतम, आशुतोष वर्मा, विंदेश मिश्रा और एलएंडटी और डीएफसीसी इंचार्ज डॉ. रमन चौधरी मौजूद रहे।