कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि पीड़ित छात्रा का भाई जिले में एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। घटना से पहले ही वह अपने परिवार को वहीं पर ले गया था। तभी से ही उनके घर पर ताला लगा हुआ है। पूरा परिवार वहीं पर रह रहा था। पीड़िता भी वहीं से ही पढ़ाई करने आती थी। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गांव नहीं छोड़ा। परिवार को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। उन पर कोई भी फैसले का दबाव नहीं बना रहा है।
पीड़ित परिवार पर नहीं बनाया गया कोई दबाव
सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के गांव की प्रधान के पति ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार का हाल पूछा। उन्होंने बताया कि वह पीड़ित परिवार के साथ है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी। उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जा रहा है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/